
chennai news in hindi : अधिकतम सजा मांगी थी : वाइको
चेन्नई. देशद्रोह के मामले में दोषी ठहराए गए MDMKgeneral secretaryviako ने कहा कि जब फैसला सुनाया गया तो मानो सिर पर वज्रपात हुआ था। फिर उन्होंने अदालत court से अधिकतम सजा punishment मांगी थी। वाइको की ओर से इस फैसले पर मद्रास उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी। अपील की गुजारिश को स्वीकारते हुए विशेष कोर्ट Special l court ने सजा को एक महीने तक निलंबित किया है।
कोर्ट परिसर में शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता में वाइको ने कहा, ‘मेरी जिन्दगी का आज महत्वपूर्ण दिन था। ईलम तमिलों tamil के नरसंहार के खिलाफ बोलने तथा लिट्टे के समर्थन के लिए विशेष कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई है। यह निर्णय मैं सहर्ष स्वीकार करता हूं। ’
वाइको ने कहा कि भारत सरकार की सैन्य व वित्तीय सहायता से श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे के इशारे पर लाखों मासूम तमिलों को कथित रूप से मार डाला गया। यह बात उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह को निजी तौर पर बताई थी। लिखित में ज्ञापन भी दिया था। वे इस मसले पर सत्रह बार मिले व पत्र लिखे। इन पत्रों का संग्रह आई एक्यूज नाम की पुस्तक में संग्रहित कर इसका विमोचन २००९ में राजा अण्णामलै मंड्रम में हुआ। उस समारोह में उनके भाषण के आधार पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया।
वाइको ने कहा कि कोर्ट में उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि विमोचन समारोह में सशस्त्र धारी युवाओं के नेतृत्व की बात कही थी। उनकी प्रतिक्रिया इसलिए थी कि देश की एकता, अखण्डता और संप्रभुता अक्षुण्ण रहे। श्रीलंका में तमिलों के मसले पर वे संसद में भी बोले थे। लिट्टे का समर्थक था, हूं और रहूंगा कहने की वजह से उन पर पोटा लगाया गया तथा १९ महीने जेल में काटने पड़े।
वाइको vaiko ने कहा कि वे अण्णादुरै और पेरियार के अनुयायी हैं। अण्णादुरै ने हिन्दी विरोधी आंदोलन के बाद कोर्ट के जज से अधिकतम सजा की मांग की थी। अगर उनको उम्रकैद भी होती है तो सहर्ष स्वीकार्य है। उन्होंने जो कहा वह देशद्रोह नहीं है, यदि है तो वे ऐसा करते रहेंगे।
Published on:
06 Jul 2019 03:06 pm
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