
कोविड 19 से निपटने के लिए 9 हजार करोड़ की स्पेशल अनुदान की मांग
-मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की प्रधानमंत्री से चर्चा
चेन्नई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी के साथ वीडियो कांफ्रेंंसिग के जरिए बात कर कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में चर्चा किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मै आपको इस महामारी से बचने के लिए निरंतर मार्गदर्र्शन और सहयोग देने के लिए धन्यवाद करता हूं। प्रत्येक सप्ताह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मै जिला कलक्टरों और एसपी के साथ चर्चा कर हालात का जायजा लेता हूं। इसके लिए गठित 12 समन्वय टीमों का भी समीक्षा करता हूं। इस प्रकार से कोरोना को रोकने के लिए सरकार की ओर से हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए 19 से 30 जून तक चेन्नई समेत कुछ अन्य जिलों में पूर्ण लॉकडाउन करने की भी घोषणा की गई है। चेन्नई व इसके पड़ोसी जिलों को छोड़कर अन्य जिलों में उद्योग की गतिविधियां और सार्वजनिक परिवहन शुरू हो गई है। कृषि गतिविधियां भी जोरो पर शुरू हो चुकी हैं। पलनीस्वामी ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था भी अच्छी तरह से बनाए रखा गया है। 45 सरकारी और 34 निजी लैबों के साथ तमिलनाडु में कोविड परीक्षण प्रयोगशालाओं की अधिकतम संख्या है, जो कि देश में सबसे अधिक है। इतना ही नहीं बल्कि तमिलनाडु में सबसे अधिक संख्या में कोविड टेस्ट भी हो रहे हैं। इस प्रकार से राज्य अक्रामक और लक्षित परीक्षण की रणनीति को जारी रखे हुए है।
अब तक 7 लाख 48 हजार 224 सैंपलों का जांच हुआ है जिसमें से 48 हजार 019 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। वर्तमान में राज्य में 20 हजार 706 सक्रिय मामले हैं। तमिलनाडु के प्रभावी चिकित्सा उपचार की वजह से मृत्यु दर 1.०९ प्रतिशत है, जो कि देश में सबसे कम है। अब तक 26 हजार 782 मरीज स्वस्थ होकर घर भी जा चुके हैं। कंटेनमेंन जोन योजना के तहत कंटेनमेंन जोन में घर घर जाकर निगरानी रखी जा रही है और दिन में दो बार कीटनाशक छीड़काव किए जा रहे हैं। राज्य के 37 जिलों में से 19 जिले ही कंटेंनमेंन जोन है, जबकि 18 जिलों में कंटेनमेंन जोन नहीं है।
-फ्रंटलाइन कर्मचारियों का रखा जा रहा ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्रंटलाइन कर्मचारियों को कबसुरा कुड़ीनीर, जिंक और मल्टी विटामिन की गोलियां दी जा रही हैं। वरिष्ठ डॉक्टरों, प्रख्यात निजी चिकित्सक और प्रमुख एनजीओ को शामिल करते हुए विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया गया है जो गर्भवती महिलाओं समेत अन्य लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। राज्य भर में 123 सरकारी और 175 निजी अस्पतालों में कोविड 19 का इलाज किया जा रहा है। निजी सेक्टरों में 630 समेत 3 हजार 533 वेंटिलेटर्स उपलब्ध कराए गए हैं। कोविड स्वास्थ्य और केयर सेंटरों की क्षमता में भी वृद्धि की गई है। जरूरी उपकरणों को खरीदने के लिए राज्य सरकार, एसडीआरएफ और बजट से पर्याप्त धन भी आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा 2.75 करोड़ त्रिपल लेयर मास्क, 38.८५ लाख एन-९५ मास्क, 21 लाख पीपीई किट और 15.45 लाख आरटी-पीसीआर परीक्षण किट का आर्डर दिया गया है। आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए 230 डाक्टर्स, 2 हजार 570 नर्स, 1 हजार 508 लैब टेक्निसियन, 334 स्वास्थ्य निरीक्षक और 2 हजार 715 बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा चेन्नई और अन्य तीन जिलों के लिए 2 हजार स्टॉफ नर्स और दो हजार पारामेडिकल कर्मचारियों को भी नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घनी आबादी की वजह से चेन्नई और उपनगरीय में कोविड 19 के मामले अधिक हैं। इसको रोकने के उद्देश्य से ही लॉकडाउन में सख्ती की घोषणा की गई है। चेन्नई कार्पोरेशन, जहां 84 लाख की आबादी है, द्वारा घर घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए 300 बुखार कैंप, 10 मोबाइल सैंपल कलेक्शन सेंटर और दस स्क्रिनिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं।
-स्थिति को गंभीरता से लेते हुए छह मंत्रियों को किया गया नियुक्त
पलनीस्वामी ने कहा कि ग्रेटर चेन्नई कार्पोरेशन के 15 जोन में आईएएस और आईपीएस की नियुक्ति के साथ छह मंत्रियों को भी नियुक्त किया गया है। वे लोग कार्पोरेशन कर्मचारियों के साथ मिलकर करीबी से स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं। चेन्नई को किसी भी उछाल को संभालने के लिए तैयार करते हुए 17 हजार 500 अतिरिक्त बेडों के साथ 53 कोविड केयर सेंटर तैयार रखे गए हैं।
-बेडों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वेबसाइट लांच
उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में कोरोना के लिए निर्धारित बेडो की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए तैयार बेवसाइट भी लांच हो गया है। इसके अलावा कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सात दिन का क्वारंटाइन पूरा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक हजार रूपए प्रदान किया जा रहा है। लॉकडाउन के विस्तार को देखते हुए मैने कार्ड धारकों में अप्रेल से जून तक मुफ्त राशन प्रदान करने का आदेश भी दिया है। अप्रेल महीने में 2.०१ करोड़ चावल कार्ड धारकों को एक हजार की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। 17 असंगठित सेक्टरों के 35.६५ लाख मजदूरों को अतिरिक्त दो हजार की सहायता प्रदान की गई। 13.३५ लाख दिव्यांगों को एक हजार नकदी दिया गया।
-केंद्र के गाइडलाइन के अनुसार 3 लाख मजदूरों को भेजा उनके गांव
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत राज्य सरकार द्वारा 3.८५ लाख प्रवासी मजदूरों को 261 ट्रेनों में उनके राज्य भेजा गया है और राज्य सरकार ने इसका पूरा खर्च वहन किया है। अब तक वंदे भारत और समुद्र सेतु मिशन के तहत 11 हजार 024 यात्रियों को लाया गया है और एसओपी के तहत उनका परीक्षण भी किया गया है।
-विभिन्न मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों में वृद्धि करने के लिए मै एक बार फिर से अपने 3 हजार करोड़ जारी करने के आग्रह को दोहराता हूं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत फंड की दूसरी किश्त जारी करने का अनुरोध करता हूं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कोविड 19 को रोकने और अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए राज्य सरकार को 9 हजार करोड़ की स्पेशल अनुदान प्रदान करें। इसके अलावा मार्च का जीएसटी मुआवजा भी जारी किया जाए। शहरी और स्थानीय निकाय के लिए 2020-२१ के वित्त आयोग का 50 प्रतिशत अनुदान जारी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी से लडऩे के लिए एनडीआरएफ से एक हजार करोड़ का तत्काल अनुदान किया जाए।
इस परिस्थिति में अगर 1 हजार 321 करोड़ का लंबित सीएमआर सब्सिडी जारी होता है तो धान खरीद की सुविधा प्रदान की जाएगी। पलनीस्वामी ने कहा कि बिजली क्षेत्र पर तत्काल बोझ कम करने के लिए एक राहत पैकेज की घोषणा हों, इससे डिस्कॉम को काफी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लद्दाख मामले में राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ खड़ी है।
Updated on:
17 Jun 2020 08:38 pm
Published on:
17 Jun 2020 08:34 pm
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