21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोयम्बेडु बाजार को कार्बन-न्यूट्रल बनाने के लिए जल्द ही कोल्ड स्टोरेज का होगा नवीनीकरण

आइआइटी-मद्रास ने किया विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम  

2 min read
Google source verification
कोयम्बेडु बाजार को कार्बन-न्यूट्रल बनाने के लिए जल्द ही कोल्ड स्टोरेज का होगा नवीनीकरण

कोयम्बेडु बाजार को कार्बन-न्यूट्रल बनाने के लिए जल्द ही कोल्ड स्टोरेज का होगा नवीनीकरण



चेन्नई.एशिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक कोयम्बेडु होलसेल मार्केट कॉम्प्लेक्स को कार्बन-तटस्थ बनाने के लिए अधिकारी कोयम्बेडु में तमिलनाडु सहकारी विपणन महासंघ द्वारा स्थापित कोल्ड स्टोरेज इकाई को पुनर्जीवित करने और बनाने की योजना बना रहे हैं। राज्य सरकार ने बाजार को प्लास्टिक मुक्त और कार्बन-तटस्थ बनाने के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम आइआइटी-मद्रास को सौंपा है। आइआइटी ने पिछले महीने ही इस संबंध में एक प्रारंभिक रिपोर्ट जमा कर दी है। रिपोर्ट में अपशिष्ट प्रबंधन, जल आपूर्ति, स्वच्छता, तूफान जल प्रबंधन और वर्षा जल संचयन की आवश्यकता का विवरण शामिल था। सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा संरचनाओं के निर्माण और इंजीनियरिंग स्थिरता, ऊर्जा उपयोग और कार्बन पदचिह्न, यातायात प्रबंधन और परिवहन सामाजिक सर्वेक्षण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। कोयम्बेडु में कोल्ड स्टोरेज इकाई का संचालन पहले बंद कर दिया गया था क्योंकि यह सुविधा लाभदायक नहीं थी।

सूत्रों ने कहा कि बाजार विक्रेताओं ने अपनी स्वतंत्र कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं बनाई हैं। टैनफेड 1995 से 2002 तक मुनाफा कमा रहा था लेकिन उसके बाद कोल्ड स्टोरेज घाटे में रहा। प्रारंभ में टैनफेड आलू, मिर्च, इमली और सेब का भंडारण करता था लेकिन राजस्व में गिरावट के साथ वह भी बंद कर दिया गया। पता चला है कि हर साल कोल्ड स्टोरेज यूनिट को 25 लाख रुपए का नुकसान होता है।इतना नुकसान हुआ कि टैनफेड ने अपनी 21 जमीनों में से छह को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के पेट्रोल बंक को पट्टे पर दे दिया। इस डील से सालाना 45 लाख रुपए से ज्यादा मिल रहे हैं। टैनफेड संयंत्र को आधुनिक बनाने और बिजली की लागत कम करने के लिए निविदाएं मांग रहा है।

इस बीच अतिरिक्त जल आपूर्ति कनेक्शन प्रदान करने के अलावा बाजार परिसर के भीतर सीवेज पंपों को पुनर्जीवित करने की योजना भी चल रही है। वर्तमान में कोयम्बेडु बाजार में केवल बोरवेल के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। जल उपकर का भुगतान नहीं करने के बाद कोयम्बेडु बाजार में मेट्रो जल आपूर्ति रोक दी गई थी।