
मां को किडनी दान करने के लिए बोला 'झूठ'
चेन्नई. पुदुचेरी के रहने वाले सेंथिल कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने प्राधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे याची को अपनी मां के लिए किडनी दान देने की अनुमति दें। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस के रविचंद्रबाबू ने मानव अंग के प्रतिरोपण कानून का हवाला देते हुए कहा कि प्राधिकार समिति याची सेंथिल कुमार को किडनी दान करने की अनुमति दें।
बता दें कि किडनी के काम करना बंद कर देने के आखिरी चरण से जूझ रही अपनी मां को बचाने की जल्दबाजी में सेंथिल ने एक झूठी जानकारी दे दी थी। इस वजह से अधिकारियों ने उसे किडनी दान करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इस बाबत सेंथिल ने बताया कि जब वह अंग दान करने की अनिवार्य प्रक्रिया के तौर पर 1 मार्च को समिति के समक्ष पेश हुए। इस दौरान उन्होंने यह बात छिपाई कि उनकी पत्नी ने उन्हें छोड़ दिया है और वह साल 2017 से ही अपने माता-पिता के साथ रह रही है।
प्राधिकार समिति द्वारा उनकी अर्जी अस्वीकार करने की आशंका को देखते हुए सेंथिल ने कहा था कि वह और उसकी पत्नी एक साथ रह रहे हैं। उन्होंने समिति को सूचित किया कि उसकी पत्नी उसके साथ रह रही है क्योंकि उसे डर था कि कहीं सही बात पता चलने पर समिति अपनी मां को किडनी देने के लिए उनका आवेदन अस्वीकार न कर दे।
याचिकाकर्ता ने समिति से किडनी प्रतिरोपण की मंजूरी देने का अनुरोध करते हुए कहा कि उसकी 53 वर्षीया मां जिंदगी के दिन गिन रही हैं। तत्काल प्रतिरोपण का हवाला देते हुए उन्होंने इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने उसे समिति के समक्ष एक हलफनामा भी दायर करने का निर्देश दिया कि उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर चली गई थी।
Published on:
08 Mar 2019 06:54 pm
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