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याद आई साइकिल

-कोरोना काल में डेढ गुना बढ़ गई साइकिल की बिक्री -कई जगह स्टाक खत्म- स्पोर्टस व फैंसी साइकिलों की मांग ज्यादा

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चेन्नई. कोरोना ने लोगों को फिर से साइकिल की याद दिला दी। तेज रफ्तार एवं भागमभाग जिंदगी के बीच साइकिल गायब हो गई थी लेकिन अब साइकिल सड़कों पर उतर आई है। साइकिल विक्रेताओं की मानें तो साइकिल की बिक्री में करीब डेढ गुना इजाफा हुआ है। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं अब तक शुरू नहीं हो पाई है और यह भी लोगों के साइकिल खरीदने का एक बड़ा कारण है। हालांकि शहरी विकास मंत्रालय ने भी अब साइकिल को बढ़ावा देने की बात कही है और इसके तहत शहरों में साइकिल के लिए अलग से ट्रेक बनाए जाएंगे। सरकार ने साइकिल फार चेंज की मुहिम शुरू की है। खासकर स्मार्ट शहरों में साइकिल ट्रेक बनाने पर विचार किया जा रहा है। साइकिल को बढ़ावा मिलने से लोगों की बचत में इजाफा होने के साथ ही वे अधिक स्वस्थ भी रह सकेंगे।
जिम बन्द होने से सोच बदली
इन दिनों जिम बन्द होने से भी लोगों की सोच बदली है और कई लोग सुबह के वक्त साइकलिंग से खुद को फिट रख रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतने दिन सरकारी बसों से सफर हो जाता था लेकिन अब बसें नहीं चल रही है। ऐसे में घर से 5 से 7 किमी दूर दफ्तर के लिए साइकिल सस्ता व अच्छा साधन है। कोरोना काल में अचानक साइकिलों की बिक्री बढऩे से दुकानदार भी अचंभित है। उनका कहना है कि उन्होंने यह कल्पना भी नहीं की थी कि साइकिलों की बिक्री यकायक इतनी तेजी से बढ़ेगी। कई जगह अब स्टाक खत्म हो चुका है। ऐसे में कई ग्राहकों को निराश लौटना पड़ रहा है। कई शहरों में अब इलेक्ट्रिक साइकिलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जो लोग पहले बाइक का इस्तेमाल करते थे उनमें से भी अब कइयों को साइकिल की सवारी भाने लगी है।
गियर वाली स्पोर्टस साइकिल की खरीद अधिक
इन दिनों गियर वाई स्पोर्टस साइकिल की मांग अधिक है। पुराने माडल वाले साइकिल की डिमांड कम है। मोटे व पतले टायर वाली साइकिलों की डिमांड बनी हुई है। लोग फैंसी साइकिलें भी खरीद रहे हैं। लोग इन दिनों स्वास्थ्य को लेकर भी अधिक जागरूक हुए हैं। ऐसे में लोगों का मानना है कि साइकिल चलाने वे स्वस्थ-तन्दुरुस्त रह सकेंगे। अधिकांश साइकिल निर्माता कंपनियां लुधियाना, दिल्ली व चेन्नई में है। कोरोना में मजदूरों के घर चले जाने से उत्पादन कम हुआ। साइकिल की एसेसरिज भी कम बनी।
पार्टस की कमी के चलते उत्पादन प्रभावित
श्रीलंका, ताइवान, जर्मनी व इंग्लैण्ड से साइकिल के पार्ट आते हैं। पाट्र्स की कमी के चलते साइकिलों का उत्पादन प्रभावित हुआ। ऐसे में उत्पादन आधा ही हो पाया। पिछले दिनों एक प्रमुख साइकिल निर्माता कंपनी एटलस बन्द हो गई। भारत में साइकिल का कारोबार करीब सात हजार करोड़ रुपए का है।

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