
दलित अभिभावक का आरोप, बेटे के पीछे कुत्ते छोड़े और डाली पेशाब
तिरुचि.
जिले के मणपारै के दलित दम्पती का आरोप है कि अगड़ी जाति का पड़ाेसी उनके साथ जातिगत अत्याचार कर रहा है। उनके बेटे पर पेशाब भी फेंका गया। पुलिस में दी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिला एसपी का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है।सूत्रों के अनुसार मणपारै के निकट विड़दलम्पट्टी गांव के दलित दम्पती ने यह शिकायत दर्ज कराई है। दम्पती के बेटी और एक बेटा है। इसी गांव के वडिवेलू (45) और उनके परिवार पर दलितों ने जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
बेटा हुआ चोटिल
दलित दम्पती की मानें तो उनके छह साल के बेटे के पीछे वडिवेलू ने उसके पालतू कुत्ते छोड़ दिए। बचकर भागा उनका बेटा नीचे गिर गया और उसे चोट आई। इस वजह से उनका वडिवेलू की पत्नी अळगुमणि से झगड़ा हुआ। कथित रूप से अळगुमणि ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपशब्द कहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक दिन उनके बेटे पर बोतल में भरी पेशाब उड़ेल दी गई। इस सिलसिले में उन्होंने पहले स्थानीय थाने में शिकायत दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो फिर एसपी कार्यालय में गुहार लगाई। इसकी भनक लगने के बाद उसी रात उनके घर पर पथराव हुआ। एसपी के निर्देश पर लोकल पुलिस ने घर आकर तस्वीरें लीं और बाद में सीएसआर दर्ज कर ली लेकिन एफआइआर अभी तक नहीं हुई है।
पुलिस भी जिम्मेदार
मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता मुरुगानंदम का कहना है कि एससी-एसटी उत्पीड़न रोकथाम अधिनियिम के तहत अगर दलित व्यक्ति शिकायत दर्ज कराने आता है तो तत्काल रपट लिखी जानी चाहिए। ऐसा नहीं करने पर पुलिस भी बराबर की जिम्मेदार है। जिला एसपी वरुण कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है वे जांच करा रहे हैं।
Published on:
15 Oct 2023 06:34 pm
बड़ी खबरें
View Allचेन्नई
तमिलनाडु
ट्रेंडिंग
