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eco-tourism : इस मनोरम क्षेत्र में बनेगा इको पार्क और जैव विविधता संग्रहालय

अम्बासमुद्रम के अगस्तीयरमलै हाथी रिजर्व में Eco Park और Biodiversity संग्रहालय के साथ संरक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए तमिलनाडु सरकार ने आदेश जारी कर दिए हैं। यह रिजर्व भी कलाकड़ मुंडनथुराई टाइगर रिजर्व के समान रमणीय है।

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चेन्नई. वन विभाग की ओर से हाल में अधिसूचित किए गए अम्बासमुद्रम के अगस्तीयरमलै हाथी रिजर्व में इको पार्क और जैव विविधता संग्रहालय के साथ संरक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। सरकार ने तत्संबंधी आदेश जारी किए। यह रिजर्व भी कलाकड़ मुंडनथुराई टाइगर रिजर्व के समान रमणीय है।

तमिलनाडु में वर्ष 1976 में स्थापित किया गया पहला टाइगर रिज़र्व कलकाडु मुंडनथुरै टाइगर रिज़र्व (केएमटीआर) है। इसके बाद चार और टाइगर रिज़र्व अन्नामलै टाइगर रिज़र्व, मुदुमलै टाइगर रिज़र्व, सत्यमंगलम टाइगर रिज़र्व और श्रीविल्लीपुथुर-मेघमलै टाइगर रिज़र्व को अधिसूचित किया गया।

2000 से अधिक प्रजातियों का घर

केएमटीआर पौधों की 2000 से अधिक प्रजातियों का घर है, जिनमें 150 स्थानिक हैं। टाइगर रिजर्व “नदी अभयारण्य” के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि 14 नदियां यहां से निकलती हैं। अगस्तीयरमलै एलीफेंट रिजर्व को हाथियों की आबादी और उनके गलियारे के संरक्षण के प्राथमिक उद्देश्य से अधिसूचित किया गया था। ऐसे में प्रस्तावित संरक्षण केंद्र दोनों रिजर्व के लिए मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तिरुनेलवेली में गत सितम्बर महीने में आयोजित एक कार्यक्रम में इस संरक्षण केंद्र की घोषणा की थी।

इको-टूरिज्म को बढ़ावा

इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता की बेहतर सराहना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संग्रहालय और संरक्षण केंद्र की स्थापना 7 करोड़ रुपए की लागत से की जाएगी। सरकार का दावा है कि यह परियोजना स्थाई इको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी और स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करेगी।