
राजा मुथैया मेडिकल कॉलेज के फीस को किया जाना चाहिए कम: रामदास
चेन्नई. पीएमके संस्थापक एस. रामदास ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजा मुथैया मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल, रानी मेय्यामै कॉलेज और राजा मुथैया डेंटल कॉलेज एंड अस्पताल समेत अन्य कॉलेजों पर नियंत्रण करना ही काफी नहीं है, बल्कि इन कॉलेजों द्वारा लिए जाने वाले फीस को भी कम कर सरकारी मेडिकल कॉलेज के बराबर करना होगा। फीस में कमी होने के बाद ही विद्यार्थियों को पूरी तरह से शांति मिलेगी।
ट्वीट कर उन्होंने दावा किया कि यह शुरूआत विद्यार्थियों और पीएमके के लिए जीत की तरह है क्योंकि दोनों द्वारा लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। उल्लेखनीय है कि अधिक फीस वसूली के विरोध में तमिलनाडु मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने गुरुवार को राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रदर्शन कर वसूले जा रहे अधिक फीस की निंदा की थी। यहां जारी एक विज्ञप्ति में एसोसिएशन ने कहा राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस के लिए 13600, एमडीएमएस के लिए 30 हजार, बीडीएस के लिए 11610 और एमडीएस के लिए 30 हजार फीस लेना निर्धारित है।
लेकिन राजा मुथैया मेडिकल कॉलेज द्वारा एमबीबीएस के लिए 5.६ लाख और एमडी एमएस के लिए 9.6 लाख फीस वसूला जा रहा है। इस तरह से ट्यूशन फीस की लूट गरीब समुदाय के विद्यार्थियों को प्रभावित करेगी। लगातार विरोध के बाद अत्यधिक फीस वसूली के खिलाफ चिदम्बरम स्थित राजा मुथैया इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड साइंस का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया है। तमिलनाडु सरकार ने संस्थान के पीजी विद्यार्थियां की अतिशुल्क वसूली के खिलाफ चल रहे 45 दिनों के प्रदर्शन तथा प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को इस निर्णय का शासनादेश जारी किया। इस संस्थान का नाम कडलूर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कर दिया जाएगा।
Published on:
29 Jan 2021 03:11 pm
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