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भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक में हिंदी पखवाड़ा का आयोजन

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक चेन्नई में शुक्रवार को संयुक्त रूप से हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवाड़े का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन...

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Small industries development bank of india

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चेन्नई।भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक चेन्नई में शुक्रवार को संयुक्त रूप से हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवाड़े का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बैंक की महाप्रबंधक चित्रा आलै ने किया। उन्होंने संपर्क भाषा के रूप में हिंदी की उपयोगिता बताते हुए कहा कि हिंदी देश को जोडऩे का काम करती है।

कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी अब हिंदी के महत्व को समझने लगीं हैं। भारत में अपना व्यापार बढ़ाने के लिए हिंदी का प्रयोग अब इनकी जरूरत बन चुकी है। व्यवसाय से गहरा संबंध होने के कारण बैंकों में भी हिंदी का प्रयोग खूब हो रहा है। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को गृहमंत्री एवं वित्त मंत्री का संदेश भी पढक़र सुनाया। कार्यक्रम का संचालन आर शांति ने किया।


टीआर बालू डीएमके के प्रधानसचिव नियुक्त

डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री टी.आर. बालू को डीएमके का प्रधानसचिव नियुक्त किया गया है। डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने शुक्रवार को नियुक्ति की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि डीएमके के वरिष्ठ नेता एस. दुरैमुरुगन को पार्टी कोषाध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद से पार्टी प्रधानसचिव का पद खाली था।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के निधन के बाद पार्टी पद में फेरबदल हुए हैं। हाल ही में हुई डीएमके महासभा की बैठक में स्टालिन को अध्यक्ष और दुरैमुरुगन को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था लेकिन पार्टी प्रधानसचिव का पद खाली था। उस पद पर नियुक्ति के लिए बालू के अलावा इ.वी. वेलुमणि सहित अन्य लोगों का नाम शामिल था। उनमें से बालू को आगे लाते हुए पद पर नियुक्त कर दिया गया।


माल्या-जेटली के मुद्दे पर प्रधानमंत्री दें स्पष्टीकरण

डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और विजय माल्या के बीच हुई बैठक में क्या हुआ, अन्यथा उन्हें कैबिनेट से हटाएं। ट्वीट कर स्टालिन ने आरोप लगाते हुए कहा कि माल्या द्वारा जेटली के साथ बैठक को लेकर किए जा रहे दावे से पता चलता है कि भाजपा कॉर्पोरेट नेताओं के हाथों की कठपुतली बनी हुई है। ऐसे हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री को इस गुप्त चर्चा पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।