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Tamilnadu : चेन्नई में यहां ठहरे थे गांधीजी

Gandhi Heritage site is becoming popular विभिन्न शिक्षण संस्थानों को बकायदा हैरिटेज सेन्टर की जानकारी को लेकर पत्र भी भेजे गए हैं ताकि अधिकाधिक विद्यार्थी हेरिटेज सेन्टर को नजदीक से देख सकें।

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Public Relations Officer of the Sabha Ishwar Karun Jha, informing the school students about the Gandhi Heritage site at the Dakshin Bhartiya Hindi Prachar Sabha in T.nagar.

Public Relations Officer of the Sabha Ishwar Karun Jha, informing the school students about the Gandhi Heritage site at the Dakshin Bhartiya Hindi Prachar Sabha in T.nagar.

चेन्नई. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी वर्ष 1936 एवं वर्ष 1946 में चेन्नई के टीनगर स्थित दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा में ठहरे थे।

प्रचार सभा परिसर में दो वर्ष पूर्व गांधी हेरिटेज साइट गांधी निवास का जीर्णोद्धार करवाया गया था। दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा मद्रास के कुलाधिपति एवं अध्यक्ष न्यायाधीश शिवराज पी. पाटिल ने इसके जीर्णोद्वार का उद्घाटन किया था।

मौजूदा समय में स्कूल एवं कालेज के विद्यार्थियों के साथ ही कई सभा-संस्थानों के लोग भी हेरिटेज देखने के लिए आ रहे हैं।

विभिन्न शिक्षण संस्थानों को बकायदा हैरिटेज सेन्टर की जानकारी को लेकर पत्र भी भेजे गए हैं ताकि अधिकाधिक विद्यार्थी हेरिटेज सेन्टर को नजदीक से देख सकें।

रोजाना करीब 40 से 50 विद्यार्थी एवं अन्य लोग हेरिटेज देखने के लिए आ रहे हैं।

दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के जनसंपर्क अधिकारी ईश्वर करूण झा कहते हैं, महात्मा गांधी के आदर्शों को जीवन में उतारें यही उनके लिए हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

केवल गांधी जयंती मना लेना ही पर्याप्त नहीं है, जब तक हम वर्षपर्यंत गांधी के कार्यों को याद नहीं करेंगे जयंती मनाना सार्थक नहीं होगा। गांधी के कार्यों को साल भर आगे बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गांधी के संदेश एवं उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। हमें अच्छे विचारों की तरफ देखना है। हम सत्य के मार्ग पर चलें। सत्य का मार्ग कठिन जरूर हैं लेकिन सफलता दिलाता है।


हेेरिटेज सेन्टर की तरफ खोलेंगे नया रास्ता
महात्मा गांधी जब वर्ष 1946 में प्रचार सभा में रूके थे। उस समय के गांधीजी का चरखा यहां रखा हुआ है। साथ ही गांधी दर्शन की कई पुस्तकें भी यहां रखवाई गई है। जल्द ही प्रचार सभा का एक और रास्ता हेरिटेज साइट की तरफ भी खोला जाएगा ताकि आमजन एवं अधिकाधिक लोग हेरिटेज साइट को नजदीक से देख सकें।
एस. पार्थसारथी, अध्यक्ष, शिक्षा परिषद, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा मद्रास।