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भारी बरसात से चेन्नई ‘घुटनों’ पर, निचले इलाकों में पानी, एक जने की मौत

- 2015 की बाढ़ याद आई- 21 सेमी से अधिक बारिश दर्ज

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Heavy rains pound Chennai  suburbs, triggers memories of 2015 floods

Heavy rains pound Chennai suburbs, triggers memories of 2015 floods

चेन्नई.

शनिवार रात भर हुई बरसात ने महानगर को घुटनों पर ला दिया। हर जगह पानी से जनता और प्रशासन जूझता नजर आया। महानगर की प्यास बुझाने वाली झीलों से रविवार को पानी नदियों में छोड़ा गया तथा तटीय इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी गई।

निचले इलाकों के घरों में पानी, सडक़ों पर जलजमाव और बिजली कटौती के बीच उत्तरी चेन्नई सर्वाधिक प्रभावित इलाका रहा। रायपुरम में बरसात से एक घर की दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। कई जगह पेड़ भी धराशायी हो गए। बारिशजन्य हाल से 2015 का मंजर ताजा हो गया। मौसम विभाग ने 11 नवम्बर तक बारिश की चेतावनी दी है।

भारी बरसात
दिवाली से ही महानगर में बरसात हो रही है। पिछली रात को शुरू हुई बौछारें न केवल अनवरत रही बल्कि तेज होती चली गई। नुंगम्बाक्कम इलाके में 21.6 सेमी बरसात दर्ज हुई। इससे पहले दिसम्बर 2015 में 29 सेमी बरसात हुई थी। बारिश से हर जगह पानी का रेला नजर आया। सडक़ों पर घुटनों तक पानी था।

अंडरपास बंद
तेज बारिश से जलजमाव की स्थिति बनी। निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया। सडक़ों पर गुजर रहे वाहन आधे डूबे रहे। लोगों को कई जगहों पर घुटनों तक के पानी से गुजरते देखा गया। महानगर के प्रमुख अंडरपास जैसे दुरैसामी ब्रिज, चेटपेट-अण्णा सालै ब्रिज, गणेशपुरम और व्यासरपाडि ब्रिज पानी से लबालब हो गया। लिहाजा यहां का यातायात ठहर गया।

राहत व बचाव कार्य

ग्रेटर चेन्नई कार्पोरेशन आयुक्त गगनदीप सिंह बेदी ने बताया कि रात के वक्त अचानक बारिश के रौद्र रूप से जलजमाव की स्थिति बनी है। अंडरपास पर पानी की मोटर लगाकर पम्पिंग का काम किया जा रहा है। बारिश रुक जाती है तो स्थिति बेहतर हो जाएगी। दूसरी ओर दमकल विभाग के दस्ते सडक़ों पर गिरे पेड़ हटाने के कार्य में सक्रिय दिखाई दिए।

झीलें लबालब

पूझल और चेम्बरमबाक्कम झीलें लबालब हो चुकी है। पानी की आवक अधिक होने की वजह से इन दोनों झीलों से पानी खोल दिया गया है। 2015 की बाढ़ की वजह चेम्बरबाक्कम झील से 50 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जाना था। प्रशासन ने उससे सबक लेते हुए अभी ही 500 क्यूसेक की दर से अडयार नदी में पानी छोडऩा शुरू कर दिया है। पूझल झील से 1500 क्यूसेक की दर से पानी छोड़ा जा रहा है।

एनडीआरएफ की टीम

महानगर और उपनगरीय इलाकों में दिन में भी बारिश होती रही। अरकोणम से राष्ट्रीय आपदा राहत बल की चार टीमों को तिरुवल्लूर, चेंगलपेट और मदुरै जिलों के लिए भेजा गया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने कैबिनेट साथियों के साथ नॉर्थ चेन्नई इलाके का मुआयना कर राहत व बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

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