
1,000 करोड़ से अधिक का औद्योगिक परामर्श और प्रायोजित अनुसंधान
चेन्नई.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) ने वर्ष 2021-22 के दौरान पहली बार किसी वित्तीय वर्ष में 1,000 करोड़ से अधिक फंडिंग और आमदनी दर्ज कर इतिहास रच दिया है। इस राशि में राज्य और केंद्र सरकार के स्वीकृत प्रोजेक्ट के 768 करोड़ रुपये और उद्योग जगत को परामर्श देने से प्राप्त 313 करोड़ रु. शामिल हैं।
ऐसे सहयोग करार की सुविधा देने का काम सेंटर फॉर इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी एंड स्पॉन्सर्ड रिसर्च (आईसीएसआर), आईआईटी मद्रास में गठित एक खास टीम करती है जिसके प्रमुख प्रोफेसर मनु संथानम हैं।
आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटी ने संस्थान के अत्याधुनिक ट्रांस्लेशनल शोधों के बारे में बताया सेंटर फॉर इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी एंड स्पॉन्सर्ड रिसर्च (आईसीएसआर) का काम बहुत उत्साहवर्धक रहा है और यह आईआईटी मद्रास की रणनीतिक योजना का अभिन्न हिस्सा है। यह फंडिंग एजेंसियों और उद्योग जगत के साथ हमारे संपर्क-संवाद के निरंतर बढऩे का प्रमाण है।
प्रायोजित शोध एवं उद्योग जगत के वित्तीय सहयोग के आंकड़े
वर्ष प्रायोजित प्रोजेक्ट हेतु स्वीकृत वित्तीय सहयोग उद्योग जगत के वित्तीय सहयोग
2017.18 423 करोड़ रु. 148 करोड़ रु.
2018.19 386 करोड़ रु. 228 करोड़ रु.
2019.20 333 करोड़ रु. 237 करोड़ रु.
2020.21 484 करोड़ रु. 230 करोड़ रु. (कोविड-19 महामारी के बावजूद)
2021.22 768 करोड़ रु. 313 करोड़ रु.
आईआईटी मद्रास के डीन (आईसीएसआर) प्रोफेसर मनु संथानम ने औद्योगिक परामर्श और प्रायोजित अनुसंधान को नई ऊंचाई देने में आईआईटी मद्रास के प्रयासों के बारे में बताया आईआईटी मद्रास अपने एनपीटीईएल प्रोग्राम के साथ लंबे समय से देश में डिजिटल शिक्षा का गढ़ रहा है और हाल में ऑनलाइन बीएससी की शुरुआत की है। संस्थान ने डायरेक्ट-टू-होम की पहल कर इसमें एक नया आयाम जोड़ दिया है। आईआईटी मद्रास के बहुत सक्षम शिक्षक उनके शोध के व्यावहारिक उपयोगों का दायरा बढ़ा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप उद्योग जगत से वित्तीय सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
कंप्यूटिंग और 5जी सेक्टर से आई इस तेजी के साथ आईआईटी मद्रास उद्योग जगत के साथ-साथ राज्य और केंद्र सरकार की वास्तविक समस्याओं के समाधान देने में लीडर बन कर तेजी से उभरा है।
वर्ष 2021-22 के दौरान फंडिंग में बढ़ी बढ़ोतरी करने वाले प्रोजेक्ट
‘डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच)’ का उपयोग कर सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षा प्रोजेक्ट: अध्यक्ष - प्रो. के. मंगला सुंदर और प्रो. अरुण तंगीराला - 300.28 करोड़ रु.
‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी (सीओईआरएस)’ प्रोजेक्ट: अध्यक्ष- प्रो. वेंकटेश बालासुब्रमण्यम - 99.5 करोड़ रु.
‘भारतीय भाषाओं में बोली की प्रौद्योगिकियां’ प्रोजेक्ट: अध्यक्ष - प्रो. हेमा ए मूर्ति - रु. 50.6 करोड़
‘भारतीय भाषा प्रौद्योगिकी के निर्माण के लिए डेटासेट और बेंचमार्क एकत्र करना प्रोजेक्ट: अध्यक्ष - डॉ. मितेश खपरा - 47 करोड़ रु.
Published on:
01 Nov 2022 10:12 pm
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