21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अग्निपथ योजना युवाओं की आकांक्षा को पूरा करेगी

आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में अब अग्निपथ स्कीम के तहत अग्निवीर की भर्ती

2 min read
Google source verification
India needs tech-savvy young armed forces: Lt Gen Arun

India needs tech-savvy young armed forces: Lt Gen Arun

दक्षिण भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल ए. अरुण ने दावा किया कि अग्निपथ योजना युवाओं की आकांक्षा को पूरा करेगी। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई रक्षा बलों में युवाओं की भर्ती के लिए एक परिवर्तनकारी योजना अग्निपथ के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं में विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में छोटी अवधि के लिए देश की सेवा करने की इच्छा है। भारतीय युवाओं को सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में सेवा करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। यह देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लाई गई है।
उन्होंने कहा कि यह योजना समाज और प्रौद्योगिकी में अभूतपूर्व परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए और संगठन को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए इजाद की गई है। लेफ्टिनेंट जनरल अरुण ने कहा, आधुनिक युद्ध के मैदान में हर किसी को एक युवा कार्यबल की आवश्यकता होती है। हमें एक तकनीक-प्रेमी या तकनीक के अनुकूल सशस्त्र बल और एक आधुनिक लड़ाकू सैनिक की जरूरत है।
आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में अब अग्निपथ स्कीम के तहत अग्निवीर की भर्ती होगी। ये अग्निवीर आर्मी, नेवी या एयरफोर्स में चार साल के लिए रहेंगे। इन अग्निवीरों में से ही अधिकतम 25 फीसदी को फिर बाद में परमानेंट होने का मौका दिया जाएगा। 90 दिनों में आर्मी में भर्ती के लिए पहली रिक्रूटमेंट रैली हो जाएगी। उनकी ट्रेनिंग मौजूदा रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटरों में ही होगी। इसके लिए इन सेंटरों में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया जा रहा है। भर्ती के बाद फौज की जरूरत के हिसाब से अग्निवीरों को कहीं भी तैनाती दी जा सकती है।
30 हजार रुपए मासिक सैलरी
अग्निवीरों को पहले साल 30 हजार रुपए मासिक सैलरी मिलेगी। दूसरे साल 33 हजार, तीसरे साल 36 हजार 500 रुपए और चौथे साल 40 हजार रुपए मासिक सैलरी मिलेगी। सैलरी के अलावा रिस्क और हार्डशिप अलाउंस, राशन अलाउंस, ड्रेस और ट्रैवल अलाउंस मिलेगा। चार साल की सर्विस पूरी होने के बाद अग्निवीर जब बाहर होंगे तो ये किसी भी तरह की पेंशन या ग्रेच्युटी के हकदार नहीं होंगे। सर्विस के दौरान इन्हें स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी।