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प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और कौशल केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता

24वें रबर सम्मेलन की शुरुआत

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प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और कौशल केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता

प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और कौशल केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता



चेन्नई.

इंडियन रबर मैन्युफैक्चरर्स रिसर्च एसोसिएशन (आईआरएमआरए) द्वारा आयोजित 24वें रबर सम्मेलन का उद्घाटन चेन्नई ट्रेड सेंटर में डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव ने किया। रबर उद्योग के बारे में विवरण साझा करते हुए आईआरएमआरए के चेयरमैन डॉ. के. राजकुमार, आईआरएमआरए के अध्यक्ष डॉ. आर. मुखोपाध्याय ने कहा सम्मेलन और एक्सपो का उद्देश्य स्थिरता और परिपत्र अर्थव्यवस्था में क्लासिक नवाचार लाना है। भारतीय रबर अर्थव्यवस्था कुल रबर खपत में दूसरी सबसे बड़ी और कुल रबर उत्पादन में पांचवीं सबसे बड़ी है। भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 में 3700 मीट्रिक टन प्राकृतिक रबर का निर्यात किया, जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में यह 3560 मीट्रिक टन था। वित्त वर्ष 22-23 से वित्त वर्ष 21-22 तक भारत द्वारा एनआर के निर्यात में वृद्धि लगभग 4 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 22-23 में रबर और उससे बनी वस्तुओं का निर्यात 37597 करोड़ रुपए रहा। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्रों को सुविधाएं प्राप्त करने के लिए पूरे देश में अधिक संख्या में प्रौद्योगिकी प्रदर्शन केंद्र और कौशल केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता है। रबर उत्पादों का वैश्विक बाजार जो आज लगभग 212 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है। 2025 तक दोगुने मार्जिन से बढ़ने की उम्मीद है। भारतीय फुटवियर उद्योगों के अगले पांच वर्षों में 10-11 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है।