चेन्नई अण्णा नगर स्थित वेलाम्माल वुमने कॉलेज की छात्राओं ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर तमिल भाषा के प्रति जागरूकता को लेकर तमिल अक्षर की आकृति बनाकर मातृभाषा की महत्ता का प्रतिपालन किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने का इतिहास
21 फरवरी, 2000 के प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को मनाया जाता है। बाद में संयुक्त राष्ट्र ने 2008 को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा वर्ष घोषित करने हुए प्रस्ताव पारित किया गया। मातृभाषा दिवस को मनाने का विचार बांग्लादेश की पहल थी। बांग्लादेश में 21 फरवरी को बांग्ला भाषा को स्वीकृति देने के लिए संघर्ष की वर्षगाँठ के रूप में मनाया जाता है।