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दक्षिण के दिग्गज फिल्म निर्देशक जे महेंद्रन का निधन

तमिल सिनेमा के वरिष्ठ निर्देशक जे. महेन्द्रन का खराब स्वास्थ्य के कारण निधन हो गया।

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दक्षिण के दिग्गज फिल्म निर्देशक जे महेंद्रन का निधन

चेन्नई. तमिल सिनेमा के वरिष्ठ निर्देशक जे. महेन्द्रन का खराब स्वास्थ्य के कारण निधन हो गया।
79 वर्षीय अभिनेता और निर्देशक किडनी की बीमारी के कारण पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने तमिल सिनेमा को कई महत्वपूर्ण फिल्में दी हैं। जिनमें आडुपुल्लि अट्टम, मल्लुम मलारुम,उथिरीपुक् कल और निनंजैथई किल्लादै उल्लेखनीय है। उनके निधन की खबर उनके बेटे और निर्देशक जॉन महेन्द्रन ने ट्वीटर पर साझा की।
1939 में जन्मे महेंद्रन ने 1966 में फिल्म निर्माताओं के लिए कहानियां लिखनी शुरू कीं। निर्देशक जाम्बुलिंगम द्वारा निर्देशित और जयशंकर, रविचंद्रन और नागेश अभिनीत फिल्म नाम मूवर महेंद्रन की कहानी पर आधारित थी और यह सिनेमा में उनका पहला प्रयास था। उनकी कहानीकार और पटकथा लेखक के रूप में उल्लेखनीय कहानियों में जयललिता की मुख्य भूमिका वाली महिला केंद्रित पानकारा पिल्लई और शिवाजी की बहुचर्चित थंगा पाठकम शामिल हैं।
महेंद्रन ने 1978 में समीक्षकों द्वारा प्रशंसित नाटक मल्लुम मलारुम पर आधरित फिल्म बनाई। रजनीकांत, शरत बाबू, जयलक्ष्मी और शोभा अभिनीत इस फिल्म का निर्देशन उन्होंने ही किया। यह फिल्म रजनीकांत के कैरियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, जिसने रजनी को सुपरस्टार बना दिया।
2018 में जब निर्देशक को डीएमके नेता स्टालिन ने न्यूज 18 के मैगडैम अवार्ड्स में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया तो उन्होंने इसे अपने सुपर फ्रेंड रजनी को समर्पित किया। रजनी के साथ उनकी कुछ अन्य उल्लेखनीय कृतियों में कैली और जॉनी शामिल हैं।1977 में रजनी-कमल के कैरियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई फिल्म आडुपुल्ली अट्टम के लिए उन्होंने कहानी और संवाद भी लिखे थे।
सासानम 2006 में निर्देशक के रूप में उनकी आखिरी फिल्म थी।
उनकी आत्मकथा सिनेमावुम नानुम,2013 में प्रकाशित हुई थी। हाल के दिनों में, निर्देशक कुछ उल्लेखनीय फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाते हुए दिखाई दिए। महेंद्रन ने विजय की फिल्म थेरी में खलनायक की भूमिका निभाई, जिसके लिए 2017 में आईफा उत्सवम में उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का पुरस्कार मिला। बालाजी धरनीधरन की सीताकाठी में, न्यायाधीश के रूप में उनकी संक्षिप्त उपस्थिति भी उनके प्रशंसकों को याद है। निर्देशक ने रजनीकांत की पेट्टा में एक छोटी लेकिन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी अन्य फिल्मों में कामराज, निमिर, श्री चंद्रमौली और बूमरैंग शामिल हैं।