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कलाक्षेत्र फाउंडेशन की छात्राओं ने निदेशक के खिलाफ कार्रवाई को लेकर केंद्र को लिखा पत्र

छात्राओं ने कहा २००८ से हो रहा यौन उत्पीडऩ- राज्य महिला आयोग ने की पड़ताल

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चेन्नई.

तिरुवान्म्यूर के कलाक्षेत्र फाउंडेशन रुक्मिणि देवी कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स की छात्राओं ने प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए शुक्रवार को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को शिकायत पत्र लिखा। उनकी मांग थी कि संस्थान निदेशक और डांस विभाग की हेड पर कार्रवाई की जाए। सूबे के सीएम एमके स्टालिन ने प्रदर्शनकारी छात्राओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, तमिलनाडु महिला आयोग ने छात्राओं से बात की और उनसे लिखित में बयान लिए। छात्राओं का आरोप है कि २००८ से संस्थान में यौन उत्पीडऩ हो रहा है।


केंद्रीय मंत्रालय को लिखे पत्र में सूचना दी गई है कि ३० मार्च को ही छात्राओं ने अपना एक संघ बनाया है जिसकी अध्यक्ष केके जिशमा और सचिव शक्ति शिवानी हैं। शक्ति शिवानी के नाम से यह पत्र केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को भेजा गया जिसकी प्रति मीडिया को उपलब्ध कराई गई।

शिकायत में फेकल्टी के नाम और आरोप
छात्राओं ने पत्र में आरोप लगाया कि संस्थान की मौजूदा और पूर्व छात्राएं यौन उत्पीडऩ का शिकार रही हैं। इस उत्पीडऩ में पुरुष शिक्षक ज्यादा हैं जिनमें से एक तो यहां करीब दो दशक से है। पत्र में सहायक प्रोफेसर हरि पद्मन व प्रस्तोता कलाकार संजित लाल, साई कृष्णन और श्रीनाथ के नाम हैं। छात्राओं ने संस्थान निदेशक रेवती रामचंद्रन अैर डांस विभाग की प्रमुख डा. ज्योत्सना मेनन पर बॉडी शेमिंग, गाली-गलोज व जातिगत टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। संस्थान से निकाले जाने के डर से किसी भी पीडि़त छात्रा ने कभी शिकायत नहीं की। पूर्व में लिखित में की गई शिकायतों को भी अनदेखा कर दिया गया।
आंतरिक शिकायत समिति
छात्राओं ने संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति के गठन की मांग की जिसकी अध्यक्षता बाहरी व्यक्ति करे और इसके चयन में विद्यार्थी संघ से परामर्श किया जाए। इस समिति में एक उनके संघ से भी हो। उनके बनाए गए संघ को भी तत्काल मान्यता दी जाए। उन्होंने ताकीद की कि जब तक पत्र में वर्णित मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक परिसर के भीतर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

सीएम ने कहा होगी कानूनन कार्रवाई
सीएम एमके स्टालिन ने विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कहा कि इस मसले के निपटारे के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए डीजीपी से पूरा ब्योरा मांगा है। इस मामले में पुलिस को अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। उनको इस बात की सूचना मिलते ही उन्होंने जिला कलक्टर से पूरी रिपोर्ट मांगी। पूछताछ के लिए राजस्व व पुलिस अधिकारियों की एक टीम को वहां भेजा गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा के सभी उपाय करने को कहा गया है। अगर आरोप साबित हुए तो चाहे कोई भी हो उन पर कानूनन कार्रवाई की जाएगी।

छात्राओं ने दी लिखित में शिकायत : महिला आयोग
यौन उत्पीडऩ के आरोपों की पड़ताल के लिए तमिलनाडु महिला आयोग की अध्यक्ष कुमरी प्रदर्शनरत छात्राओं से मिली। उन्होंने छात्राओं से उत्पीडऩ के बारे में पूछा। बाद में, पत्रकारों को बताया कि लगभग १०० छात्राओं ने लिखित में शिकायतें दी हैं। उन्होंने 12 छात्राओं से निजी रूप से बात की। संस्थान के ४ लोगों के खिलाफ शिकायतें दी गई हैं। छात्राओं का आरोप है कि २००८ से उत्पीडऩ हो रहा है। हमने उनको प्रदर्शन समाप्त करने का परामर्श दिया है कि इस मसले पर उचित कार्रवाई की जाएगी। वे अपनी जांच रिपोर्ट सोमवार को सरकार को सौंपेंगी।