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तमिलनाडु: BJP-AIADMK को मात देने की तैयारी में जुटे कमल हासन, अगले साल होंगे चुनाव

राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और अन्नाद्रमुक सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं।

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Kamal Haasan chairs MNM party meeting to strategize for 2021 polls

Kamal Haasan chairs MNM party meeting to strategize for 2021 polls

चेन्नई:

अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन (Kamal Haasan) ने अगले साल तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव (TamilNadu Assembly elections) को लेकर रणनीति बनाने के लिए सोमवार को अपनी पार्टी मक्कल निधि मय्यम (MNM) के जिला सचिवों के साथ बैठक की। यह बैठक पार्टी के उस फैसले के बाद हुई, जिसमें कमल हासन को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया था।

बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बताया जा रहा है कि बैठक का मुख्य एजेंडा सभी निर्वाचन क्षेत्रों के लिए बूथ समितियों को स्थापित करना और कमल हासन के राज्य स्तर पर कैंपेन करने की योजना तैयार करने के अलावा पार्टी के लिए धन जुटाने के लिए काम करना था।

इन नेताओं से करते रहते हैं मुलाकात
अपनी पार्टी के रुख के संदर्भ में कमल हासन (Kamal Haasan) राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और अन्नाद्रमुक सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं। वह केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के साथ नियमित रूप से मुलाकात करते हैं। उनका कहना है कि उनकी विचारधारा वामपंथ और द्रविड़ आंदोलन से प्रेरणा लेती है।

पदार्पण चुनाव में नहीं मिली थी एक भी सीट
कमल हासन (Kamal Haasan) ने अपनी राजनीतिक पार्टी मक्कल निधि मय्यम (MNM) का गठन फरवरी 2018 में किया था। पार्टी ने साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु और पुदुचेरी की 39 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके साथ ही पार्टी ने तमिलनाडु की 22 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में भी उम्मीवार उतारे थे। हालांकि पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हुई, लेकिन कुछ सीटों पर एक लाख से ज्यादा वोट प्राप्त हुए और कुछ सीटों पर पार्टी उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे थे।

कमल हासन ने बताई थी हार की वजह
पहले चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं करने पर कमल हासन ने कहा था कि उनकी पार्टी के लिए मुख्य बाधाएं ग्रामीण इलाकों में व्यापक गरीबी और धन वितरण थी, जहां उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था, वहीं इसके विपरित शहरी क्षेत्रों में अधिक वोट हासिल किए। उन्होंने 2019 के चुनावों में अकेले लड़ने के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा था कि कुछ क्षेत्रों में हमें 12 प्रतिशत वोट शेयर मिला और हमारा औसत 5 प्रतिशत रहा।

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