
Madras Day 2020: One of India's oldest cities celebrates its 381st birthday
चेन्नई.
आज मद्रास पूरे 381 साल का हो गया है। मद्रास दिवस (या मद्रास डे) तमिलनाडु राज्य की राजधानी मद्रास शहर (चेन्नई) में मनाया जाने वाला एक समारोह दिवस है। हालांकि कोरोना संक्रमण की वजह से हर साल की तरह इस साल मद्रास डे हर्षोल्लास से नहीं मनाया गया लेकिन लोगों ने अपनी संस्कृति और परंपरा नहीं भूली। हर साल की तरह ही मद्रास डे के दौरान घरों के आगे रंगोली, माथे पर चंदन का टीका, बालों में गजरा एवं पारंपरिक धोती साड़ी पहने स्त्री-पुरुष और सबसे विशेष यहां का स्वादिष्ट व्यंजन, जो यहां पारंपरिक तरीके से केले के पत्ते में खाया है।
दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक
मद्रास को अब चेन्नई के नाम से जाना जाता है। मद्रास भारत में बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल तट पर स्थित तमिलनाडु की राजधानी, भारत का पांचवा बड़ा नगर तथा तीसरा सबसे बड़ा बन्दरगाह है। इसकी जनसंख्या करीब 90 लाख है। यह शहर अपनी संस्कृति एवं परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। चेन्नई में ऑटोमोबाइल, प्रौद्योगिकी, हार्डवेयर उत्पादन और स्वास्थ्य सम्बंधी उद्योग हैं। यह नगर सॉफ्टवेयर, सूचना प्रौद्योगिकी सम्बंधी उत्पादों में भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक शहर है। चेन्नई एवं इसके उपनगरीय क्षेत्र में ऑटोमोबाइल उद्योग विकसित है।
पूरा चेन्नई मनाता है मद्रास दिवस
यह हर वर्ष 22 अगस्त के दिन मनाया जाता है और इसको यह नाम शहर के नाम पर मिला है। 1639 में इसी दिन ईस्ट इंडिया कंपनी ने कोरोमंडल तट पर जमीन खरीदी थी जहां उन्होंने मद्रास शहर की नींव रखी। यह जमीन सेंट जॉर्ज फोर्ट के निर्माण के लिए ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कंपनी द्वारा चन्द्रागिरी के महराजा से खरीदी गई थी। इस दिवस पर कई तरह कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनमें शहर के नागरिक हिस्सा लेते हैं। इतिहास की नजर में ये शहर 381 नहीं बल्कि 2 हजार साल पुराना है। दूसरी शाताब्दी में यह चोल साम्राज्य का हिस्सा था। वहीं तोडईमंडलम प्रांत में मद्रासपट्टनम नाम का छोटा सा गांव हुआ करता था। एक छोटे से गांव ने महानगर का रूप लिया, लेकिन एक चीज जो नहीं बदली वह है यहां की सभ्यता एवं संस्कृति।
Published on:
22 Aug 2020 07:11 pm

बड़ी खबरें
View Allचेन्नई
तमिलनाडु
ट्रेंडिंग
