
रामेश्वरम के अग्नि तीर्थ में अपशिष्ट जल बहाने से नाराज हाइकोर्ट
मदुरै.
उच्च न्यायालय की मदुरै शाखा की न्यायिक पीठ ने नाराजगी जताते हुए प्रश्न किया कि देशभर से लोग रामेश्वरम के अग्नि तीर्थ में पवित्र स्नान करना आते हैं या अपशिष्ट जल में डुबकी लगाने आते हैं? उच्च न्यायालय ने असंतोष जताया कि जिला प्रशासन ने रामेश्वरम के अग्नि तीर्थम क्षेत्र में सीवेज के मिश्रण को रोकने के लिए कार्रवाई नहीं की है। हाइकोर्ट ने नगर प्रशासन, जल संसाधन विभाग के सचिव, जिला कलक्टर, रामेश्वरम मंदिर संयुक्त आयुक्त को इस सिलसिले में जवाब देने का निर्देश दिया है।
हाइकोर्ट शाखा ने यह भी कहा कि रामेश्वरम समुद्र में सीवेज के मिश्रण को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए है।न्यायालय ने उक्त विचार रामनाथपुरम के रहने वाले मार्कंडेयन की जनहित याचिका पर व्यक्त किए। रामेश्वरम का ज्योतिर्लिंग बारह शिवलिंग में शामिल है। तीर्थयात्री चारों धाम की यात्रा में रामेश्वरम में पवित्र डुबकी लगाए बिना इसे पूरी नहीं मानते। इस शिव मंदिर के भीतर और बाहर ६४ तीर्थ कुण्ड हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार, अग्नि तीर्थम
Updated on:
26 Oct 2022 06:01 pm
Published on:
26 Oct 2022 06:00 pm
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