24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मंत्री शेखर बाबू ने किया खेल मैदान का निरीक्षण

व्यवस्थाओं में सुधार का दिया निर्देश

2 min read
Google source verification
Minister Shekhar Babu inspected the sports ground

Minister Shekhar Babu inspected the sports ground

हिन्दू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती मंत्री पी.के.शेखऱ बाबू ने हॉर्बर विधानसभा क्षेत्र के साहुकारपेट इलाके में खेल मैदानों का निरीक्षण किया। स्थानीय वार्ड 54 से डीएमके पार्षद राजेश जैन रंगीला ने बताया कि मंत्री शेखर बाबू ने कार्पोरेशन राजस्थानी खेल मैदान का निरीक्षण किया।
मंत्री ने मैदान को आधुनिक बनाने के लिए कॉरपोरेशन अधिकारियों को वाकिंग ट्रेक समेत अन्य खेलकूद सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा। मंत्री शेखर बाबू ने कहा, खेलकूद मैदानों को आधुनिक बनाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। बच्चों के लिए विशेष सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
रखरखाव एवं साफ सफाई में सहयोग का आग्रह
पार्षद राजेश जैन ने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होकर खेल मैदान में नियमित आने की बात कही। चेन्नई कॉरपोरेशन के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी खेल मैदान के रखरखाव एवं साफ सफाई में सहयोग का आग्रह किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी अपने सुझाव रखे। इस दौरान विनोद कोठारी, शांतिलाल, अरूण जैन, गौतम दूगड़ समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

...

वर्टिकल गार्डन को बनाए रखना काफी आसान
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्टिकल गार्डन को बनाए रखना काफी आसान है। यदि आप चेन्नई में निजी फर्मों को देखते हैं, तो इस तरह के वर्टिकल गार्डन का रखरखाव काफी अच्छी तरह से किया जाता है। ये आसानी से विकसित होने वाले सजावटी पौधे हैं जिन्हें केवल तरल उर्वरकों और नियमित रूप से पानी देने की आवश्यकता होती है। जब 2020 में चेन्नई में सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे उद्यान स्थापित किए गए थे, तो नगर निगम ने पुनर्नवीनीकरण सीवेज पानी का उपयोग करके उनके निरंतर रखरखाव और पानी की योजना बनाई थी। शहर के 14 प्रमुख पुलों और फ्लाईओवरों के नीचे लगभग 8 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित ऐसे लगभग सभी उद्यान अब बर्बादी के कगार पर है। जब 2020 में पहल की गई थी, तो नगर निगम ने इन उद्यानों में उपयोग के लिए आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से पौधों, ज्यादातर सजावटी पौधों का ऑर्डर दिया था। हालाँकि अधिकांश स्थानों में अब केवल मनी प्लांट ही बचे हैं।