- नई एयरोस्पेस और रक्षा नीति का अनावरण - सीएम स्टालिन ने जारी की नीति
तमिलनाडु सरकार ने अगले दस साल में राज्य को एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादों के निर्माण के क्षेत्र में निवेश का पसंदीदा स्थान बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को नई एयरोस्पेस और रक्षा नीति जारी की।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उद्योग मंत्री तंगम तेन्नअरसु, विभागीय पदाधिकारियों और उद्योग जगत की हस्तियों की उपस्थिति में इस नई नीति का अनावरण किया। नीति का सबसे बड़ा लक्ष्य अगले दस सालों में एयरोस्पेस और डिफेंस (एएंडडी) सेक्टर में ७५ हजार करोड़ का निवेश प्राप्त कर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन करना है।
तरमणि स्थित टाडइल पार्क में तमिलनाडु औद्योगिक विकास निगम (टिडको) द्वारा आयोजित उद्योग सम्मेलन (कॉन्क्लेव) ४.० में सीएम स्टालिन द्वारा अनावरित इस नीति की पहली प्रति राज्य के उद्योग मंत्री ने प्राप्त की। मंत्री ने कहा कि नीति का प्रमुख ध्येय एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादों के निर्माण और सेवा क्षेत्र में निवेश प्राप्त कर तमिलनाडु को वरीयतापरक राज्य बनाना है।
विनिर्माण इको सिस्टम
नीति के तहत सरकार राज्य में त्वरित विकास गति को सुनिश्चित करने के अलावा विश्वस्तरीय, उच्च प्रौद्योगिकी और किफायती एएंडडी विनिर्माण इको सिस्टम के लक्ष्य को प्राप्त करना चाहती है। सरकार साथ ही ग्लोबल ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) और टियर-१ आपूर्तिकर्ताओं को भी आकर्षित करना चाहती है।
15 महीनों में सर्वांगीण विकास : सीएम स्टालिन
सम्मेलन में सीएम स्टालिन ने कहा कि पिछले 15 महीनों में तमिलनाडु सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। उद्योग विकास की दृष्टि से राज्य ने पूरे विश्व का ध्यान आकृष्ट किया है। राज्य में उच्च शिक्षार्जन के अनुपात को देखते हुए विदेशी कंपनियां तमिलनाडु की तलाश में हैं। जहां तक उद्योग का संबंध है, उनको यह कहते हुए खुशी हो रही है कि तमिलनाडु ने न केवल भारत का बल्कि पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया है। राज्य में उच्च शिक्षा नामांकन अनुपात ५१.४ प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत से कई ज्यादा है। हमारे पास कुशल मानव संसाधन है। यह भी एक बड़ी वजह है कि कई विदेशी कंपनियां तमिलनाडु की ओर आ रही हैं। हमें इसे बनाए रखने और इसे अगले स्तर तक ले जाने की जरूरत है। विकास के समावेशी द्रविड़ मॉडल के लिए हमें सेवा क्षेत्र के अलावा विनिर्माण क्षेत्र पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा।