चेन्नई.
मानसून में होने वाले परेशानियों को लेकर नगर निगम ने बताया कि मानसून आने से पहले बड़े नाले की सफाई करवाई जा चुकी है। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने मानसून सीजन में आपदाओं से निपटने के लिए कमर कस ली है। भारी बारिश व संबंधित अन्य आपदा से निपटने के लिए पूरी टीम तत्पर रहेगी। टीम आपदा के समय में त्वरित और प्रभावी एक्शन करेगी। जीसीसी ने लोगों से अपील की है कि अपने उन पेड़ों और शाखाओं को छांटें जो तेज हवाओं या तूफान के दौरान गिर सकते हैं या टूट सकते हैं। बिजली के खंभों या तारों के पास पेड़ लगाने से बचें। भारी बारिश या तूफान के दौरान बाहर जाने से बचें।
यदि आपको यात्रा करनी है तो सार्वजनिक परिवहन या विश्वसनीय वाहन का उपयोग करें। तूफान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद कर दें। बिजली के खंभों, तारों, धातु की वस्तुओं या संरचनाओं से दूर रहें जो बिजली को आकर्षित कर सकते हैं। किसी भी गिरे हुए तार या केबल को न छुएं।
ऐसी होती है स्थित
प्रत्येक वर्ष मानसून के महीने में महानगर में अलग अलग इलाकों में गली-मोहल्लों में नालियों का पानी सड़क पर बहने लगता है। साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने से कचरे से पूरी तरह नहर-नालियां भर चुकी हैं। बरसात के समय में आसपास के इलाकों में पूरी तरह से पानी भर जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि जल निकासी के लिए आज तक कोई व्यवस्था की ही नहीं गई है। नालियों का पानी सडक़ पर आ जाता है। इससे कई रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं। वहीं आवाजाही में भी परेशानी होती है।