
ओला-उबर कैब चालकों की हड़ताल का आज दूसरा दिन, यात्री दिखे परेशान
चेन्नई.
चेन्नई में ऐप बेस्ड कैब कंपनी ओला और उबर से जुड़े चालक बेहतर पारिश्रमिक और बाइक टैक्सी सेवाओं पर प्रतिबंध की मांग को लेकर सोमवार को हड़ताल पर चले गए। चेन्नई के कई हिस्सों में इसका आंशिक असर रहा। कैब नहीं मिलने की वजह से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। ऐप बेस्ड कैब सडक़ों से दूर रहीं ऐसे में कई लोगों को सवारी वाहन की अनुपलब्धता और बढ़ी कीमतों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ऐसे मौके पर ऑटो चालकों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूला।
कैब चालक अपनी अनुबंध अवधि से अधिक समय तक चलने वाले कुछ टोल बूथों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं। बाइक टैक्सी सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन और तमिलनाडु उरीमै कुरल ड्राइवर ट्रेड यूनियन ने राज्य भर में हड़ताल की घोषणा की थी। चालकों ने राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने और ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटर्स को विनियमित करने व एग्रीगेटर्स द्वारा वसूले जाने वाले उच्च कमीशन के मुद्दे को हल करने का आग्रह किया है।
40 मिनट इंतजार करना पड़ाआलंदूर में रहने वाले एक युवक ने कहा पीक अवर्स के दौरान उसके इलाके में सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण वह काम पर जाने के लिए ऐप-आधारित एग्रीगेटर्स पर निर्भर है, लेकिन सोमवार को टैक्सी बुक करने के लिए उसे 40 मिनट इंतजार करना पड़ा।
बढ़ सकती हैं मुश्किलें
कैब नहीं मिलने की वजह से मंगलवार को स्कूल, कॉलेज और काम पर जाने वाले छात्रों, अभिभावकों सहित तमाम यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर हड़ताल लंबी चली तो ओला और उबर जैसी कंपनियों की कैब नहीं मिलने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
Published on:
17 Oct 2023 03:29 pm
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