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मेरी बलि देना चाहतें हैं मां-बाप, प्लीज बचा लीजिए, भाई और दो अन्य की दे चुके बलि

मध्यप्रदेश की युवती ने मद्रास हाइकोर्ट में लगाई अर्जी, सरकार ने दिलाया सुरक्षा का भरोसा

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मेरी बलि देना चाहतें हैं मां-बाप, प्लीज बचा लीजिए, भाई और दो अन्य की दे चुके बलि

मेरी बलि देना चाहतें हैं मां-बाप, प्लीज बचा लीजिए, भाई और दो अन्य की दे चुके बलि

चेन्नई. मध्यप्रदेश की युवती जिसने मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा कि उसके माता-पिता उसकी 'नरबलि' देना चाहते हैं, को तमिलनाडु सरकार ने पर्याप्त सुरक्षा देने का वचन दिया।

राज्य के लोक अभियोजक हसन मोहम्मद जिन्ना ने न्यायाधीश जी. चंद्रशेखरन को सुनवाई के वक्त यकीन दिलाया कि २३ वर्षीय याची को पूरी सुरक्षा मिलेगी। सरकार के जवाब के बाद हाइकोर्ट ने याची के माता-पिता को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी किया है। साथ ही तमिलनाडु और मध्यप्रदेश पुलिस से भी जवाब मांगा है।

अभिभावक अंधविश्वासी

न्यायाधीश ने मौखिक विचार में खेद व्यक्त किया कि 21वीं सदी में भी मानव बलि जैसी घटनाएं हो रही हैं। सुनवाई के वक्त फरियादी कोर्ट में थी। सुरक्षा की मांग वाली उसकी याचना थी कि अभिभावक बेहद अंधविश्वासी हैं, जिन्होंने उसकी नरबलि देने का मन बना लिया है। इसकी भनक लगने पर वह अपने एक मित्र की मदद से वहां से भाग निकली।

भाई की दे चुके बलि

याची ने आरोप लगाया कि उसकी मां (सौतेली) और बाप रसूखदार हैं और उनकी आरएसएस व अन्य हिन्दू संगठनों में अच्छी पैठ है। सौतेली मां उसके भाई और दो अन्य की बलि दे चुकी है। उसके पीछे मध्यप्रदेश पुलिस लगा दी गई है जो उसकी तलाश में है। वह तमिलनाडु इसलिए भागकर आ गई कि यह जगह महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित बताई गई है। लिहाजा कोर्ट से आग्रह है कि वह स्थानीय पुलिस को उसकी हिफाजत के निर्देश दे।