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राजस्थान में गांव में प्रवेश के लिए द्वार बनाने की रही है परम्परा

जयपुर में पत्रिका गेट बनेगा पर्यटकों के लिए नया आकर्षणपत्रिका के सामाजिक सरोकार की प्रवासियों ने की सराहना

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patrika gate

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चेन्नई. पत्रिका समूह ने अपने सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाते हुए जयपुर के जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर पत्रिका गेट का निर्माण करवाया है। एक वर्चुअल समारोह में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे देशवासियों को समर्पित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी द्वारा रचित दो ग्रन्थ, सम्वाद उपनिषद और अक्षर यात्रा का विमोचन भी किया। तमिलनाडु में बसे प्रवासी समाज के लोगों ने पत्रिका के इस सामाजिक सरोकार की सराहना की है।
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पत्रिका गेट अनूठी मिसाल
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पत्रिका गेट का निर्माण जिस वास्तुशिल्प के साथ किया गया है वह काफी सराहनीय है। आकर्षक चित्रांकन के साथ ही नौ अंकों के वास्तु सिद्दांत पर आधारित बसे जयपुर के नवें गेट के रूप में यह अनूठी मिसाल है। राजस्थान की यह परम्परा रही है कि गांव के बाहर भी गेट व द्वार बनाए जाते रहे हैं। राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने जिस तरह स वाद उपनिषद व अक्षर यात्रा की रचना की है वह सभी के लिए एक महत्वपूर्ण सामग्री होगी। भगवान ऋषभदेव ने भी अक्षर ज्ञान को बहुत ही अच्छी तरह से समझाया है।
एन. सुगालचन्द जैन, ट्रस्टी, भगवान महावीर फाउण्डेशन, चेन्नई
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समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन
पत्रिका गेट पर राजस्थान प्रदेश की वास्तुकला और जीवनशैली को उकेरा गया है। इन दरवाजों पर किया गया अंकन व चित्रण एक ओर राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहरों को, पुरानी रियासतों की राजस्थान की विरासत को, परम्पराओं को सहेज कर, उसे आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाने का कार्य करेगा वहीं दूसरी ओर पर्यटकों को आकर्षित कर गर्वीले, रंगीले राजपूताना के सभी अंचलों की तस्वीर उनके समक्ष प्रस्तुत करेगा। वेद विज्ञान की रोचक व सम्यक व्याख्या गुलाब कोठारीजी का प्रिय विषय है। आज हिन्दी भाषा का ज्ञान लुप्त होने की कगार पर है। भाषा की, शब्दों की रक्षा करना लेखकों, कवियों, पत्रकारों का दायित्व होता है। शब्दों के वास्तविक अर्थ बदल रहे हैं ऐसे में आपने अक्षर यात्रा के माध्यम से हिन्दी वर्णमाला का परिचय व स्वर, व्यंजन के स्वरूप को, जिनसे भाषा का ज्ञान आगे बढ़ता है उन्हें फिर से पाठकों के समक्ष रखा है और समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन फिर दोहराया है।
मोहिनी चोरडिया, कवयित्री व लेखिका।
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जयपुर की गरिमा और बढ़ गई
राजस्थान पत्रिका सदैव ही सामाजिक सरोकार में अग्रणी रहता आया है। समय-समय पर अपने आयोजनों के माध्यम से जनता के बीच संवाद किया है। अब राजस्थान की राजधानी जयपुर में पत्रिका गेट नि:संदेह बहुत ही अच्छा प्रयास है। इससे जयपुर की गरिमा और बढ़ गई है। आने वाले समय में इससे जहां पर्यटकों को लाभ मिल सकेगा वहीं राजस्थानी की कला व संस्कृति में और इजाफा ही होगा। इसके लिए राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब जी कोठारी बधाई के पात्र हैं।
प्यारेलाल पीतलिया, चेयरमैन, श्रीमती शकुंतलादेवी पीतलिया चेरिटेबल ट्रस्ट, चेन्नई।
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राजस्थान का सिर गर्व से ऊंचा
इससे समूचे राजस्थान का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। न केवल पत्रिका परिवार गौरवान्वित हुआ है बल्कि हर राजस्थान का वासी गौरव महसूस कर रहा है। राजस्थान से सुदूर दक्षिण में प्रवास करने वाले भी इस तरह की कलाकृति को सुनकर एवं देखकर सुकून महसूस कर रहे हैं। राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की विद्वता का हर कोई कायल है। अब दो ग्रन्थों की रचना कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनकी लिखी कई पुस्तकों जीवन जीने की राह व मार्ग को प्रशस्त करने वाली है।
पारस जैन जावाल, राष्ट्रीय महामंत्री, अखिल भारतीय राजस्थानी प्रवासी महासंघ।
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सभ्यता व संस्कृति में चार चांद
जिस शानदार वास्तुकला का नमूना पत्रिका गेट में दर्शाया गया है वह वास्तव में सराहनीय है। जिस तरह जयपुर की बसावट की गई उसी तरह पत्रिका गेट में भी साफ झलक दिख रही है। इससे हमारी सभ्यता व संस्कृति में चार चांद लग गए हैं। राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की धर्म एवं अध्यात्म के क्षेत्र में दर्जनों पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है और अब इसी दिशा में यह दो ग्रन्थ प्रकाशित हुए हैं। इससे जरूर आने वाली पीढ़ी को बहुत अधिक फायदा मिल सकेगा। इनसे हरेक को कुछ न कुछ सीखने को मिलेगा।
इन्द्रराज बंसल, उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन।
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अक्षर यात्रा आज के युग में एक दुर्लभ कृति
राजस्थान पत्रिका द्वारा राजस्थान की राजधानी जयपुर को पत्रिका गेट की अनुपम भेंट अत्यंत ही सराहनीय है। मुम्बई का गेटवे आफ इंडिया, दिल्ली के इंडिया गेट की तरह गुलाबी रंग की पत्रिका गेट, वास्तुकला एवं राजस्थानी संस्कृति पर आधारित, हवामहल की तरह गुलाबी नगरी जयपुर को पर्यटन स्थल के रूप में एक नई पहचान देगी। गुलाबजी कोठारी का चिंतन-मनन किसी से छिपा नहीं है। वेद-विज्ञान को आघार बना कर ख़ासकर नई पीढ़ी के लिये "सम्वाद उपनिषद्" एक अत्यन्त ही भारतीय संस्कृति एव ऋषि मुनियों द्वारा वैज्ञानिक तथ्यो पर आधारित मौलिक मूल्यों का अमूल्य भंडार है। "अक्षर यात्रा" आज के युग में एक दुर्लभ कृति समाज के समक्ष प्रस्तुत की गई है।
कान्तिलाल एच. संघवी, पूर्व अध्यक्ष, राजस्थानी एसोसिएशन तमिलनाडु।
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एक महत्वपूर्ण धरोहर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वर्चुअल समारोह में राजस्थान पत्रिका की ओर से तैयार करवाए पत्रिका गेट का लोकार्पण किया है। इस तरह की धरोहर बहुत कुछ संदेश समाज को दे जाती है। आने वाली पीढ़ी के लिए यह एक महत्वपूर्ण धरोहर बन गई है। यह राजस्थान के एकीकृत स्वरूप का प्रतिनिधि स्मारक तो होगा ही राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति से एक ही जगह परिचय कराने वाला होगा। इसके हर कोने को वास्तुशिल्प, संस्कृति व जीवनशैली को आकर्षक चित्रांकन के जरिए उकेरा गया है जो काफी प्रशंसनीय है।
पवन कुमार अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, चेन्नई गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।
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पत्रकारिता जगत में अलग पहचान
राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने पत्रकारिता व साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके धर्म व अध्यात्म पर लिखे लेख वाकई मन को झकझोरने वाले होते हैं। हाल में जिन दो ग्रन्थों की रचना की है वेे ग्रन्थ भी जरूर एक नई चेतना व जागृति का संचार कर सकेंगे। पत्रिका गेट का निर्माण अपने आप में प्रसन्नता जगाने वाला है। राजस्थान की भूमि वीर भूमि रही है। यहां की संस्कृति अनुपम है। पत्रिका गेट को जिस तरह से डिजाइन किया गया है वह दूर से ही लोगों के आकर्षण का केन्द्र बन गया है। इससे राजस्थान की गरिमा में इजाफा हो गया है।
शिवनाथसिंह राजपुरोहित, पूर्व अध्यक्ष, श्री रामदेव मंडल, चेन्नई।
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समूचे राजस्थान का गौरव बढ़ गया
राजस्थान पत्रिका सदैव ही पाठकों के लिए एक लोकप्रिय समाचार पत्र रहा है। दक्षिण भारत में भी पत्रिका ने हिंदी की अलख जगाई है। स्थानीय लोगों के बीच भी पत्रिका समाचार पत्र ने अपनी गहरी छाप छोड़ी है। अब पत्रिका गेट के जरिए पत्रिका ने सामाजिक सरोकार की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम बढ़ाया है। इससे समूचे राजस्थान का गौरव बढ़ गया है। इसके लिए राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी बधाई के पात्र हैं। उनके रचित ग्रन्थ भी जरूर लोगों को नया सीखने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
दुर्गाराम गोदारा, चेयरमैन, श्री जाट समाज तमिलनाडु।
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वास्तुशिल्प व सांस्कृतिक विरासत
पत्रिका गेट में जिस तरह से राजस्थान के सभी इलाकों के वास्तुशिल्प व सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया है, वह निसंदेह सराहनीय है। यह गेट बरबस ही लोगों का ध्यान खीचेंगा और प्रदेश में पर्यटकों की आवाजाही में बढोतरी होने में मदद मिलेगी। राजस्थान की कला व संस्कृति अनूठी है और अब जयपुर में पत्रिका गेट से इसमें और अधिक इजाफा हुआ है। राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने कई पुस्तकों का लेखन किया है। वास्तव में उनकी लिखी पुस्तकों से ज्ञान में बढ़ोतरी होन के साथ ही एक आत्मीय संतुष्टि का अनुभव होता है।
पेमाराम सीरवी महाबलीपुरम, पूर्व जिला प्रमुख पाली।