छात्रवृत्ति योजना से श्रमिक परिवार की लड़कियों का संवर रहा भविष्य
चेन्नई @ पत्रिका.
राज्य सरकार की ओर से अब श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा में आर्थिक दिक्कतें नहीं आए। इसके लिए एक शिक्षा सहायता योजना के तहत पुदुमै छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है जिसकी वजह से राज्य में उच्च शिक्षा संस्थानों में लड़कियों के नामांकन में 29 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
योजना से मदद मिली
राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित दसवीं कक्षा की छात्रा निशा संजीवी का कहना है कि छात्रवृत्ति योजना से उसे पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली। उसके पिता कोयम्बेडु सब्जी मार्केट में लोडिंग-अनलोडिंग का काम करते हैं। रोजाना दिहाड़ी कमाने वालों को हमेशा आर्थिक परिस्थितियों से जूझना पड़ता है लेकिन सरकारी योजना से ही उसने ग्यारहवीं कक्षा में नामांकन पाया।
गरीबी नहीं.....
गरीबी नहीं बनेगी मजबूरी: उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा, हम स्कूल स्तर पर योजना के बारे में अधिक जागरूकता लाने के कदम उठा रहे हैं। यह योजना उन लड़कियों की ड्रॉपआउट दर को कम करने में मदद करेगी जिन्हें गरीबी के कारण स्कूल के बाद पढ़ाई छोडऩे को मजबूर होना पड़ता है।
क्या है.....
क्या है ये छात्रवृत्ति योजना: यह योजना मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 2022 में शुरू की थी। इस योजना में सरकारी स्कूल में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाती है। तमिलनाडु सरकार ने इस योजना के लिए 698 करोड़ रुपए आवंटित किए।
इनको मिल.....
इनको मिल रहा लाभ: योजना की लाभार्थी कक्षा 6 से 12वीं में पढऩे वाली छात्राएं हैं। गरीब परिवार जो आर्थिक तंगी के चलते अपनी लड़कियों की कॉलेज की पढ़ाई नहीं करवा पाते हैं उन्हें इस योजना के तहत 1000 रुपए महीना की सहायता दी जाती है। लड़कियां योजना का लाभ स्कूल या शिक्षा संस्थान में आवेदन कर ले सकती हैं।
लड़कियों का संवर रहा भविष्य
पिछले शैक्षणिक वर्ष की तुलना में 2022-23 में लड़कियों के नामांकन में लगभग 29 प्रतिशत वृद्धि हुई है। राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों में 2021-22 में दाखिला लेने वाली लड़कियों की संख्या 71,008 थी जबकि 2022-23 में योजना लागू होने के बाद यह संख्या बढकऱ 91,485 हो गई। 2022-23 में सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेजों की 4,806 लड़कियों और सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की 12,711 छात्राओं को इस योजना से लाभ हुआ। शेष लाभार्थी सरकारी कला और विज्ञान महाविद्यालयों की छात्राएं हैं।