
चेन्नई.
कोरोना वायरस का कहर देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। राज्य में सरकार कोरोना वायरस के बचाव के लिए लगातार ऐहतियातन कदम उठा रही है। कोरोना वायरस के चलते तमिलनाडु जेल प्रशासन ने राज्य के ८ सेंट्रल जेल में बंद कैदियों और हवालातियों की मुलाकात पर 31 मार्च तक रोक लगा दी गई है। जेल प्रशासन के अनुसार सरकार ने यह पाबंदी कैदियों, हवालाती, वकील, पत्रकारों और उनके पारिवारिक सदस्यों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए लगाई है।
राज्य में आठ केन्द्रीय जेल
जानकारी के अनुसार राज्य के आठ सेंट्रल जेल (कोयम्बत्तूर केन्द्रीय जेल, कड्लूर केन्द्रीय जेल, मदुरै केन्द्रीय जेल, पालयमकोट्टै केन्द्रीय जेल, पूझल-१ केन्द्रीय जेल, पूझल-२ केन्द्रीय जेल, तिरुचिपल्ली केन्द्रीय जेल, वेलूर केन्द्रीय जेल, सेलम केन्द्रीय जेल) के बाहर सुपरिटैंडेंट द्वारा आम जनता के लिए एक लिखित नोटिस लगाया गया है। इस नोटिस के अनुसार जेल में बंद कैदियों और हवालातियों की उनके रिश्तेदारों से मुलाकात पर 31 मार्च तक रोक लगा दी गई है।
मंगलवार को जब जेल में बंद कैदियों और हवालातियों के रिश्तेदार उनसे मिलने के लिए पूझल जेल पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि सरकार की हिदायतों के अनुसार मुलाकात करने पर 31 मार्च तक पाबंदी लगा दी गई है। बार बार कहने के बावजूद भी जेल प्रशासन ने उनकी मुलाकात नहीं करवाई। जेल में आए सभी लोगों को बेबस और मायूस होकर अपने घर लौटना पड़ा। साथ ही पत्रकारों के साथ कैदियों की वकील के साथ साक्षात्कार पर भी रोक लगा दी गई है।
राज्य में 13000 कैदी
जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस निदेशक सुनील कुमार सिंह-एडीजीपी (जेल विभाग) ने बताया कि सरकार ने यह पाबंदी कैदियों, हवालाती और उनके पारिवारिक सदस्यों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए लगाई है। उन्होंने सभी कैदियों और हवालातियों के रिश्तेदारों से इस काम में उन्हें पूरा सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कानून मंत्री सी वी षणमुगम के साथ बैठक के साथ ऐहतियातन उपाय के तहत यह कदम उठाया गया है। वर्तमान में तमिलनाडु की जेल में १३००० विचाराधीन और सजा काट रहे कैदी है।
सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग
एडीजीपी ने कहा कि राज्य के आठ केन्द्रीय जेलों में बंद कैदियों की विभाग कोरोना वायरस स्क्रीनिंग कराएगा, अगर किसी कैदी में कोरोना वायरस या सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षण मिलते है तो तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। कैदियों को जेल परिसर में अलग-अलग जिलों में केन्द्रीय जेलों में कोरोना वायरस से बने हालातों को देखते हुए जेल में आइसोलेशन वार्ड बनाए जाएंगें। सभी कैदियों की जांच की जाएगी।
सुनवाई के लिए वकील मिल सकेंगे
विचाराधरीन कैदी की कोर्ट में सुनवाई के लिए वकील को मिलने की अलुमति होगी लेकिन पूरी सावधानी बरती जाएगी। सुनवाई या मामले की सुनवाई के संबंध में वकील जेल परिसर में प्रेवश करने से पहले हाथ साबुन या सानीटाईजर से धोकर अंदर जा सकते है। अधिकारी ने बताया कि कैदियों को 3 दिनों तक अलग-अलग वार्डों में रखा जाएगा और जांच में सामान्य पाए जाने के बाद ही उन्हें जेल में शिफ्ट किया जाएगा। जेल में अच्छे व्यव्हार के लिए महीने में एक बार परिवार से मिलने दी जाने वाला अनुमति भी रद्द कर दी गई है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो केस की सुनवाई
कोरोना वायरस से बचने के लिए कैदियों को सुनवाई के लिए कोर्ट ले जाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करने के आदेश दिए गए है। इसके बावजूद जेल के मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था होगी। पेरोल से वापस लौटने वाले कैदियों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद बैरक में जाने की अनुमति होगी। यहीं व्यवस्था दूसरे राज्यों में कोर्ट में पेशी के लिए ले जाने वाले कैदियों के लिए भी होगी।
कैदियों को दिए जाएंगे मास्क व साबुन
दुनियाभर में कहर बरपा रही कोरोना वायरस को लेकर तमिलनाडु सरकार बेहद ही सतर्क नजर आ रही है। जेल में बंद कैदियों को नियमित रूप से हाथ धोने के लिए साबुन दिए जाएंगे। जेल अधिकारियों को जेल परिसर में स्वस्छता पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया है ताकि कैदी स्वस्थ रहें। इसके साथ ही कैदियों को मास्क भी दिए जाएंगे।
Published on:
17 Mar 2020 05:28 pm
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