चेन्नई. रैली में शामिल सीडब्ल्यूएफआई के सदस्यों ने कहा कि सरकार द्वारा निर्माण श्रमिकों के लिए दी जाने वाली पेंशन राशि बहुत कम है। उन्होंने मांग की कि पेंशन की राशि को दोगुना किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिकों को अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों, जैसे कि स्वास्थ्य बीमा और भविष्य निधि, का भी अधिकार है।
सीडब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष, एस. कुमार ने कहा कि सरकार निर्माण श्रमिकों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
रैली के बाद, सीडब्ल्यूएफआई के सदस्यों ने एक ज्ञापन जारी कर सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने का आग्रह किया।
ज्ञापन में कहा गया है कि निर्माण श्रमिक भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे देश के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अथक परिश्रम करते हैं।
सरकार द्वारा निर्माण श्रमिकों को दी जाने वाली पेंशन राशि बहुत कम है। यह राशि एक वृद्ध श्रमिक के लिए एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त नहीं है।
सरकार को निर्माण श्रमिकों की पेंशन राशि को दोगुना करना चाहिए। इसके अलावा, सरकार को निर्माण श्रमिकों को अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों, जैसे कि स्वास्थ्य बीमा और भविष्य निधि, भी प्रदान करना चाहिए।
सरकार ने अभी तक ज्ञापन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ये हैं निर्माण श्रमिकों की मांगें
पेंशन की राशि को दोगुना करें।
सभी निर्माण श्रमिकों को पेंशन का लाभ दें।
निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करें।
निर्माण श्रमिकों को भविष्य निधि प्रदान करें।
निर्माण श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू करें।