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चेन्नई में जीवंत हुई राजस्थानी संस्कृति

राजस्थानी एसोसिएशन तमिलनाडु के राजस्थानी बाजार का भव्य आगाज  

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चेन्नई में जीवंत हुई राजस्थानी संस्कृति

चेन्नई में जीवंत हुई राजस्थानी संस्कृति



चेन्नई. राजस्थानी एसोसिएशन तमिलनाडु (रजत) की ओर से राजस्थानी बाजार की शुरुआत यहां शनिवार को किलपाक स्थित

सेंट जार्ज स्कूल के विंग्स कन्वेशन सेंटर में की गई। उद्घाटन की मुख्य अतिथि कलैमामणी सुकन्या रमेश एवं विशिष्ट अतिथि नीलिम रानी एवं रेफेक्स इंडस्ट्रीज के डाइरेक्टर जगदीश बूरड़ थे। राजस्थानी बाजार में राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिली। शनिवार को शाम होते होते बड़ी संख्या में खरीदार उमड़ पड़े। इस दिन मिडनाइट तक शापिंग हुई। रविवार तक चलने वाले इस बाजार का विशेष आकर्षण राजस्थानी कल्चरल शो रहा। बाजार में एयरकंडीशन्ड हाल में ज्वेलरी के लिए एक्सक्लूसिव पैवेलियन बनाया गया है। राजस्थानी बाजार में एक सौ पचास से अधिक स्टाल है। राजस्थानी प्रदर्शनी में रविवार को बड़ी संख्या में आगंतुकों के आने की उम्मीद है। इसमें देश भर से एक्जीबिटर भाग ले रहे हैं। विजिटर्स के लिए यहां राजस्थानी व्यंजनों के लिए एक्सक्लूसिव फुडकोर्ट बनाया गया है। विजिटर फैशन, डेकर, एक्सेसरीज, फुटवियर, फर्निचर, होम्स आदि से जुड़ी खरीदारी कर रहे हैं। रजत के अध्यक्ष मोहनलाल बजाज, महासचिव देवराज आच्छा, ट्रेजरर गौतमचंद डागा, चेयरमैन नरेंद्र श्रीश्रीमाल, को-चेयरमैन प्रवीण टाटिया, हेमंत दुगड़, दिलीप चंदन समेत संस्था के पदाधिकारी व सदस्य इस मौके पर उपस्थित थे।यह संस्कृति, एकता और परोपकार का उत्सव है। राजस्थानी बाज़ार ने भारत की विविध कलात्मक प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। रजत के इस वार्षिक राजस्थानी बाजार से होने वाली कमाई चैरिटी कार्यों के लिए दी जाएगी। आय को कॉलेज के छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने, भोजन और पुस्तक बैंकों का समर्थन करने और राजस्थानी एसोसिएशन तमिलनाडु द्वारा समर्थित विभिन्न अन्य धर्मार्थ कार्यों में योगदान देने के लिए उपयोग किया जाएगा। इससे पहले पारंपरिक राजस्थानी लोक कलाओं का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसका उद्घाटन अभिनेता प्रेम कुमार ने किया।

राजस्थान एक्सपो के अध्यक्ष नरेंद्र श्रीश्रीमाल ने कहा इस साल का राजस्थानी बाजार एकता और संस्कृति का सच्चा प्रमाण होने का वादा करता है जो हमारे देश की समृद्ध विरासत को उजागर करता है। लोगों की जरूरतों और कल्याण को पूरा करने के लिए राजस्थानी बाजार से होने वाली आय को समर्पित किया जाएगा। प्रदर्शनी रविवार को सुबह 10:30 बजे से रात 9:00 बजे तक रहेगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम रविवार को शाम 4:30 बजे शुरू होंगे।

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