
16 साल की उम्र से मणिमारन कर रहा लावारिस शवों का अंतिम संस्कार, सुपरस्टार रजनीकांत से मिला तोहफा
तिरुवण्णामलै. समाज सेवा में हर कोई शामिल नहीं हो सकता, इसमें मन शामिल होता है। समाज सेवा तभी की जा सकती है जब किसी का दिल परिपक्व हो और लोगों के प्रति उसके मन में बहुत प्यार हो। एक युवक 16 साल की उम्र से कठिन समाज सेवा कर रहा है। उस रास्ते पर चलते रहना एक असंभव कार्य है। उसका काम है अस्पताल के मुर्दाघर में लावारिस पड़े शवों को बाहर निकालना और पुलिस की अनुमति से उनका अंतिम संस्कार करना। 16 साल की उम्र में यह सेवा शुरू करने वाला युवक पिछले 21 वर्षों से इस कार्य को समर्पण के साथ कर रहा है। वह युवक अब 37 साल का हो गया है।
तमिलनाडु से शुरू हुई सेवा पूरे देश में पहुंची
अब तक 2 हजार 45 निराश्रित शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। तमिलनाडु से शुरू होकर उनकी सेवा अब पूरे भारत में फैल गई है। वह तिरुवण्णामलै जिले के तलियामपल्लम के रहने वाले युवक मणिमारन को केंद्र और राज्य सरकारों ने उसकी इस सेवा के लिए पुरस्कृत किया है। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से प्रशस्ति-पत्र, वल्र्ड अचीवमेंट अवार्ड और मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी मिल चुकी है। पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम और अभिनेता रजनीकांत समेत मशहूर हस्तियों ने उसे बधाई दी है।
कोरोना काल में भी मणिमारन की सेवा बंद नहीं हुई। वह स्वेच्छा से गरीब मरीजों की सेवा कर रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर अभिनेता रजनीकांत ने मणिमारन की सेवा की दिल से सराहना की और अपने फाउंडेशन की ओर से उसे एक कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया ताकि वह बिना किसी रुकावट के सेवा कर सके। इस पर मणिमारन ने कहा अभिनेता रजनीकांत जो मेरी सेवा को अच्छी तरह से जानते थे, द्वारा प्रदान की गई कार मेरे जीवन में अविस्मरणीय है। उनकी मदद से मुझे बहुत खुशी और प्रेरणा मिली है।
Published on:
24 Jun 2023 07:08 pm

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