
Rebel AIADMK MLAs get Supreme Court reprieve
चेन्नई. अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम का समर्थन करने के आरोप में विधानसभा स्पीकर द्वारा एआईएडीएमके के तीन विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद दो विधायकों अरंतांगी विधायक रत्नसभापति और विरुदाचलम विधायक कलैसेल्वन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
उनकी याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पीकर की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया।
साथ ही कोर्ट ने स्पीकर को नोटिस जारी कर विधायकों द्वारा दायर याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया देने का भी निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि कानून मंत्री सी.वी. षणमुगम और एआईएडीएमके सचेतक एस. राजेन्द्रन ने पी. धनपाल से मुलाकात कर एआईएडीएमके के तीन विधायकों को अयोग्य घोषित करने का आग्रह किया था। उसके बाद स्पीकर ने अरंतांगी विधायक रत्नसभापति, विरुदाचलम विधायक कलैसेल्वन और कल्लकुरिची विधायक प्रभु को कारण बताओ नोटिस दिया था।
उसका विरोध करते हुए रत्नसभापति और कलैसेल्वन ने कोर्ट में याचिका दायर कर धनपालन को किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने से बचने का निर्देश देने का आग्रह किया था।
इतना ही नहीं डीएमके ने भी अध्यक्ष के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि डीएमके द्वारा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, ऐसे में वे अब विधायकों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकते।
Published on:
07 May 2019 03:58 pm
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