
डबल फेफड़ा ट्रांसप्लांट सर्जरी सफल, महिला को मिली नई जिंदगी
चेन्नई.रेला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम ने इंटरस्टीशियल लंग डिजीज (आईएलडी) से पीड़ित 42 वर्षीय गुजराती महिला पर जटिल डबल लंग ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया। आईएलडी फेफड़ों का एक विकार है जो छोटी वायुकोषों को ख़राब कर देता है और नियमित रूप से सांस लेना मुश्किल बना देता है। उसकी बीमारी का अप्रत्याशित कारण कबूतरों से जुड़ा था। उसे फाइब्रोटिक फेफड़े की बीमारी का पता चला था, जिसे कभी-कभी अतिसंवेदनशीलता न्यूमोनाइटिस या बर्ड ब्रीडर के फेफड़े की बीमारी के रूप में जाना जाता है, जो कबूतर की बीट के कारण होता है। उनके इलाज का खर्च एक क्राउडफंडिंग अभियान के माध्यम से वित्त पोषित किया गया था और अस्पताल के साथ-साथ सरकार द्वारा भी समर्थित था। अस्पताल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक प्रोफेसर मोहम्मद रेला ने कहा हॉस्पिटल में सफल डबल लंग ट्रांसप्लांट हुआ। अंग दान के इस निस्वार्थ कार्य ने सबसे अंधकारमय परिस्थितियों में भी नया जीवन ला दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बनाए रखना महत्वपूर्ण है। कई वर्षों तक पक्षियों की बीट, धूल और पंखों के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों के फेफड़ों को अपरिवर्तनीय क्षति, अतिसंवेदनशीलता न्यूमोनिटिस और पुरानी श्वसन विफलता हो सकती है।
Published on:
21 Sept 2023 09:20 pm
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