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Tamilnadu: दो महीने तक पानी लाने के बाद ट्रेन का अंतिम फेरा

भूमिगत जलस्तर में बढ़ोतरी एवं कृष्णा (Krishna) नदी(River) से पानी मिलने के बाद ट्रेन (Train) से पानी का वितरण रोका

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rise in the underground water level of Chennai

rise in the underground water level of Chennai

चेन्नई. करीब दो महीने तक वेलूर से पानी लेकर आ रही ट्रेन ने मंगलवार को अंतिम फेरा किया। कृष्णा नदी से पानी मिलने एवं चेन्नई के भूमिगत जल स्तर में बढ़ोतरी के चलते ट्रेन से पानी रोकने का निर्णय लिया गया। जोलारपेट से चेन्नई के लिए ट्रेन के एक फेरे में 2.75 मिलियन लीटर पानी आ रहा था। वेलूर जिले में मेट्टूर पेयजल परियोजना की मुख्यमंत्री एडपाडी पलनीसामी ने घोषणा की थी। इस समय मुख्यमंत्री ने 65 करोड़ रुपए इस परियोजना के लिए आवंटित किए थे। तब चेन्नई में पानी की त्रासदी विकट थी।
12 जुलाई को पहला फेरा
वेलूर से पानी के लिए ट्रेन 12 जुलाई से शुरू की गई। चेन्नई मेट्रो वाटर वितरण एवं सीवरेज बोर्ड प्रतिदिन चार पानी के वैगन की व्यवस्था की थी। जिसके तहत हर रोज 11 मिलियन लीटर पानी चेन्न्नई भेजा जाना था। यह पानी किलपाक वाटर ट्रीटमेन्ट प्लान्ट से चेन्नई के लिए सप्लाई होता था। ट्रेन का दूसरा रैक जुलाई के तीसरे सप्ताह से जोलारपेट से चेन्नई के लिए रवाना हुआ।
कृष्णा नदी से मिल रहा पानी
तेलुगु गंगा प्रोजेक्ट के तहत आन्ध्रप्रदेश ने 25 सितम्बर से कृष्णा नदी से पानी का वितरण शुरू किया। पोंडी जलाशय में 5 अक्टूबर तक 783 एमसीएफटी पानी संग्रहित हो चुका था जबकि इसकी भराव क्षमता 3231 एमसीएफटी है।
900 एमसीएफटी पानी संग्रहित
रेडहिल्स, चोलावरम एवं चेम्बरबाक्कम जलाशयों में 50 एमसीएफटी, 54 एमसीएफटी, 12 एमसीएफटी पानी आ चुका है। इन चारों जलाशयों में 5 अक्टूबर तक 900 एमसीएफटी पानी संग्रहित हो चुका है।