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रोटरी मद्रास सेंट्रल प्रहलादराय सरावगी बोन बैंक की शुरुआत

अडयार स्थित कैंसर इंस्टीट्यूट (बेसमेंट, डायमंड जुबली बिल्डिंग) में रोटरी मद्रास सेंट्रल प्रहलादराय सरावगी बोन बैंक की शुरुआत की गई है। रोटरी...

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Rotary Madras Central Prahaladai Saraogi Bone Bank started

Rotary Madras Central Prahaladai Saraogi Bone Bank started

चेन्नई।अडयार स्थित कैंसर इंस्टीट्यूट (बेसमेंट, डायमंड जुबली बिल्डिंग) में रोटरी मद्रास सेंट्रल प्रहलादराय सरावगी बोन बैंक की शुरुआत की गई है। रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर-इलेक्ट कमल सिंघवी ने रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर-आरआई ३२३२ बाबू पेरम की उपस्थिति में ने उद्घाटन किया।

पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रामनाथन, रोटरी क्लब ऑफ मद्रास सेंट्रल के प्रेसिडेंट शरण्यान समेत अन्य रोटेरियन, चिकित्सक एवं अडयार कैंसर इंस्टीट्यूट के अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे। यह बोन बैंक रोटरी इंटरनेशनल ग्लोबल ग्रांट प्रोग्राम के माध्यम से 1,00,000 अमरीकी डालर (करीब 80 लाख रुपए) की लागत से बनाया गया है। कैंसर इंस्टीट्यूट के डॉ. चंद्रकुमार (ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजिस्ट) बोन बैंक के प्रमुख होंगे। उन्होंने बोन बैंक के संचालन के लिए सिंगापुर और दक्षिण कोरिया में विशेष प्रशिक्षण लिया है। यह तमिलनाडु के लिए भारत का सबसे बड़ा अस्थि बैंक होगा।

पहला बोन बैंक मुंबई में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल द्वारा बनाया गया है और दूसरा एम.एस. रामैया मेडिकल कॉलेज, बेंगलूरु में निर्मित है। इससे मरीजों को बहुत फायदा होगा। इस बोन बैंक से सालाना एक हजार से अधिक लोगों को मदद मिलने की उम्मीद है।

बोन बैंक के लाभ

रोगियों में उपयोग के लिए तैयार अलोग्लोटाइप हड्डी की पेशकश करने में सक्षम, जो एक प्राकृतिक समाधान है, हड्डी की संख्या या आकार के लिए कोई सीमा नहीं। यह दोष के आकार से मेल खाने के लिए अंतर-ऑपरेटिव रूप से सिलवाया जा सकता है, धातु प्रोस्टीटिस की तुलना में लागत 5 से दस गुना सस्ता है। इसके अलावा मरीजों को रीढ़, कूल्हे और घुटने की सर्जरी, घातक हड्डी और मैक्सिलोफेशियल घाव और आघात में लाभ मिलेगा।