चेन्नई.
चेन्नई के मरीना बीच पर पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि की याद में कलम स्मारक बनाने के प्रस्ताव पर जन सुनवाई के दौरान खूब हंगामा हुआ। डीएमके और एआईएडीएमके के कार्यकर्ताओं ने पक्ष और विपक्ष में तर्क देते हुए बवाल खड़ा कर दिया। जन सुनवाई में उस समय हंगामा मचाने वाली राजनीतिक पार्टियों में भाजपा, अन्नाद्रमुक और एनटीके शामिल थीं। भाजपा, अन्नाद्रमुक और इनके सहायत दलों ने इस परियोजना का विरोध किया।
भारी पुलिस बल तैनात
तमिलनाडु भाजपा के सदस्यों का आरोप है कि डीएमके सदस्य उन्हें कुछ बोलने नहीं दे रहे। उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे है। हंगामा को देखते हुए यहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जन सुनवाई के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता मुगिलन को बालने नहीं दिया गया तो वे मंच पर बैठ गए। कलम स्मारक पर बिना बोले वे वहां से जाने नहीं देना चाहते थे।
सीमन ने दी स्मारक तोडऩे की धमकी
नाम तमिलर कच्ची (एनटीके) प्रमुख सीमन ने कहा है कि अगर समुद्र में च्कलम की मूर्तिज् खड़ी की जाती है, तो मैं उसे नष्ट कर दूंगा। अगर डीएमके करुणानिधि की याद में मूर्ति लगाना चाहती है, आप अपनी पार्टी के मुख्य कार्यालय अरिवालयम में लगा सकते हैं। ज्ञातव्य है कि डीएमके सरकार ने मरीना बीच पर ४२ मीटर ऊंची विशाल मूर्ति लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए 81 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत रखी गई है।