20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रूस ने सुदूर-पूर्व व चेन्नई के बीच समुद्री मार्ग विकसित करने में रुचि दिखाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत भारत अभिनव समाधान निकालने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।

less than 1 minute read
Google source verification
रूस ने सुदूर-पूर्व व चेन्नई के बीच समुद्री मार्ग विकसित करने में रुचि दिखाई

रूस ने सुदूर-पूर्व व चेन्नई के बीच समुद्री मार्ग विकसित करने में रुचि दिखाई

चेन्नई.

रूस ने व्लादिवोस्तोक और भारत के दक्षिणी महानगर के बीच एक वैकल्पिक समुद्री मार्ग विकसित करने सहित कारोबारी अवसरों का पता लगाने के लिए चेन्नई में एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भेजने की इच्छा जताई है। इस कार्यशाला का आयोजन 30 अक्टूबर से एक नवम्बर तक चेन्नई में करने का प्रस्ताव है। एक सरकारी बयान के अनुसार रूस के ऊर्जा उप-मंत्री सर्गेई मोचलनिकोव और रूसी संघ के आर्थिक विकास मंत्रालय के मैक्सिम रेशेतनिकोव के नेतृत्व में एक रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान यहां केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को यह जानकारी दी गई।

सोनोवाल आठवीं पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक में हिस्सा लेने के लिए एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए व्लादिवोस्तोक में हैं। बयान में कहा गया है कि रूस सरकार ने द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से अवसरों और संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ चेन्नई बंदरगाह का दौरा करने की इच्छा व्यक्त की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वी समुद्री गलियारे (ईएमसी) के संचालन से भारत और रूस के बीच व्यापार संबंधों के एक नए युग की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत भारत अभिनव समाधान निकालने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।