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पूरी दुनिया पर ‘हल्दी मलता’  हिन्दोस्तां हमारा

महामारी बनी हल्दी के लिए वरदान देश के ५ सर्वाधिक उत्पादक राज्यों में 4 दक्षिण से  

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चेन्नई. कोरोना महामारी ने हर्बल, जड़ी-बूटियों और औषधियों को नई जिन्दगी दी है। एंटी वायरल और एंटी ऑक्सीडेंट के गुणों से भरपूर हल्दी की इसी वजह से विश्वभर में मांग बढ़ी है तो साथ ही देश में इसका रकबा भी बढ़ा है। हल्दी में पाए जाने वाले करक्यूमिन तत्व नैदानिक योग्यता रखता है और इसी कारण कोविड-१९ के बाद अमरीका सहित कई देशों ने इसका आयात बढ़ाया है। दुनिया में सर्वाधिक हल्दी का उत्पादन करने वाले भारत के लिए यह महामारी इस दृष्टि से वरदान साबित हुई है। हल्दी की २०० से ज्यादा किस्में हैं इनमें देश के चुनिन्दा हिस्सों मसलन दुग्गीराला, तेकुरपेट, सुगंधम, अमलापुरम, ईरोड, सेलम, एलैपी, मुवाट्टपुळा और लकडोंग वैरायटी की बहुत मांग है।


दक्षिणी राज्यों में हल्दी
भारत में २०२०-२१ में हल्दी का सर्वाधिक उत्पादन चार दक्षिणी राज्यों में हुआ। स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया के अनुसार तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के अलावा महाराष्ट्र में हल्दी का पीत वर्ण दिखाई दिया।
राज्य क्षेत्र (हेक्टे.) उत्पादन
तेलंगाना ४९००० ३१३ लाख टन
कर्नाटक २१४९६ १३०.९ लाख टन
तमिलनाडु २०८९४ ८६५१३ टन
आंध्रप्रदेश ३०५१८ ७३२४४ टन
(स्रोत : इंडियन स्पाइसेज वेबसाइट, अनुमानित आंकड़े, वर्ष २०२०-२१ )


विश्व में सर्वाधिक उत्पादन
एक अध्ययन के अनुसार करक्यूमिन का वैश्विक बाजार २०१९ में ५८.४ मिलीयन डॉलर का था जो २०२७ तक १२.७ प्रतिशत की विकास दर से बढ़ेगा। केंद्र सरकार के अनुसार भारत विश्व में पैदा होने वाली हल्दी का ७८ प्रतिशत उत्पादन करता है। भारत की हल्दी का सबसे बड़ा आयातक देश अमरीका (२२ प्रतिशत) और इसके बाद बांग्लादेश (१८ प्रतिशत) है। कोविड-१९ के बाद से देश में हल्दी का उत्पादन २३ प्रतिशत तक बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार भारत में २०१८-१९ में ९ लाख ५७हजार १३० टन हल्दी उत्पादित हुई थी जो २०१९-२० में ११ लाख ७८ हजार ७५० टन रहा। केंद्र व राज्य सरकारों को उम्मीद है है आने वाली समय में विश्व पटल पर भारतीय हल्दी का रंग और गहराएगा।

तमिलनाडु की १४ फीसदी हिस्सेदारी
देश के कुल हल्दी उत्पादन में तमिलनाडु की करीब १४ प्रतिशत हिस्सेदारी है। ईरोड हल्दी को जीआई टैग हासिल है जहां राज्य की एक तिहाई हल्दी का उत्पादन होता है। सरकार ईरोड में हल्दी शोध केंद्र स्थापित करेगी। हल्दी के निर्यात की अच्छी संभावनाएं हैं।
- सी. समयमूर्ति, सचिव कृषि व कृषक कल्याण विभाग व कृषि उत्पादन आयुक्त

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