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Tamilnadu वार्षिक कार्तिका नवाह्निका ब्रह्मोत्सव पंचमी तीर्थम में शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

श्वकर्मा आराधना, पुण्यवचनम (Punyavachanam) और अन्य अनुष्ठान पंचरात्र अग्नि विधान (Agni vidhanam) के अनुसार हुए। भगवान वेंकटेश्वर को उनकी प्रिय आदि देवी पद्मावती के जन्मदिन (birthday) पर उपहार (Gif) भी दिया गया।

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Tamilnadu वार्षिक कार्तिका नवाह्निका ब्रह्मोत्सव पंचमी तीर्थम में शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

Tamilnadu वार्षिक कार्तिका नवाह्निका ब्रह्मोत्सव पंचमी तीर्थम में शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

तिरुचन्नूर. दक्षिणी राज्यों के प्रमुख तीर्थस्थल तिरुचन्नूर स्थित देवी पद्मावती अम्मावरी के वार्षिक कार्तिका नवाह्निका ब्रह्मोत्सव पंचमी तीर्थम में रविवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस मौके पर पद्म पुष्करिणी में चारों ओर श्रद्धालु जमा थे जो लगातार बहते पानी में पवित्र डुबकी लगाने के लिए चार घंटे से भी अधिक समय से जारी बारिश के चलते मंदिर की टंकी के पवित्र जल में खड़े थे। रविवार को ब्रह्मोत्सव का समापन था जो पद्म सरोवर में अत्यधिक धूमधाम से मनाया गया।

चोयर्नाभिषेक से जुलूस निकाला
इससे पूर्व देवी पद्मावती का देवता ध्वजास्तंभ मंडपम में चोयर्नाभिषेक से जुलूस निकाला गया।
इससे पहले श्री पद्मावती देवी का जुलूस देवता ध्वाजस्तंभ मण्डपम में चोयर्नभिषेकम के लिए तैयार किया गया था। जन्मदिवस होने के कारण देवी को श्री मन्त्रम और श्री सूक्तम का पाठ करके तिल का तेल और चूरनाम का पेस्ट लगाकर बाल स्नान कराया गया। बाद में उसे एक आकाशीय जुलूस में पंचमी थीथा मंडपम ले जाया गया जहां उनको श्री सुदर्शन चक्रवर्तीश्वर के साथ पंचमी सिद्धांत मंडपम में विशेष रूप से डिजाइन किए गए मंच पर बिठाया गया और नवलक्ष अवहण का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद विश्वकर्मा आराधना, पुण्यवचनम और अन्य अनुष्ठान पंचरात्र अग्नि विधान के अनुसार हुए। भगवान वेंकटेश्वर को उनकी प्रिय आदि देवी पद्मावती के जन्मदिन पर उपहार भी दिया गया।

निकाली भव्य शोभायात्रा
उसके बाद तिरुमला से भव्य शोभायात्रा निकाल गई जो साड़ी तिरुचूर पहुंची। जुलूस में तिरुमला के अतिरिक्त ईओ एवी धर्म रेड्डी, तिरुचूर में ईओ अनिल कुमार सिंघल, जेईओ बसंत कुमार भी शामिल हुए। रंग स्नापनम के दौरान, विभिन्न फूलों, फलों और बीजों से बनी माला और मुकुट देवी को अर्पित किए गए। माला और मुकुट में सूखे अंगूर, नारियल के पेड़ के पत्ते, ड्राईफ्रूट्स, क्यूस्कस, फूल, पवित्रा और तुलसी के बीज शामिल थे।

तुलसी के बीज और पवित्रा से बनी माला विशेष आकर्षण का केन्द्र
राजेंद्र, षणमुगा सुंदरम, तिरुपुर के सुब्रमण्यम और नेल्लोर के नरहरि के सहयोग से तुलसी के बीज और पवित्रा से बनी माला विशेष आकर्षण का केन्द्र थी। दोपहर में शुभ मुहूर्त में पुजारियों द्वारा चक्रतालवार को पवित्र स्नान कराया गया। इस मौके पर बोर्ड सदस्य वी. प्रसंती रेड्डी, शिव कुमार, मंदिर के डीईईओ सी. गोविंदराजन और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।