
मूर्ति घोटाले का वांछित पुजारी एयरपोर्ट पर गिरफ्तार
चेन्नई. कांचीपुरम शहर के एकाम्बरेश्वर मंदिर की सोमस्कंदर sculpture के निर्माण में हुए घोटाला मामले में वांछित मंदिर के पुजारी priest को मुम्बई एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। एकाम्बरेश्वर मंदिर Ekambareshwar Temple की सोमस्कंदर की उत्सव मूर्ति १६०० साल पुरानी है। इस मूर्ति के अलावा अतिप्राचीन एलवार बांसुरी धारी मूर्ति व पंचधातु की मूर्तियों को प्रतिस्थापित करने का निर्णय हुआ। हिन्दू धर्म व देवस्थान विभाग ने इसकी आधिकारिक अनुमति २०१५ में दी थी। फिर ५० किलो वजनी सोमस्कंदर मूर्ति Somaskandar sculpture का निर्माण कराया गया।
मूर्तिकारों ने दोनों मूर्तियों में साढ़े आठ-साढ़े आठ किलो सोना मिश्रित किए जाने की बात कही थी। मूर्ति के लिए भक्तों से भी सोना जुटाया गया। दिसम्बर २०१६ में सोमस्कंदर की नई मूर्ति निर्मित कर प्रतिष्ठित कर दी गई। जांच में पता चला कि विभागीय अनुमति के परे सोमस्कंदर की मूर्ति १११ किलो व एलवार बांसुरी धारी मूर्ति ६५ किलो वजन की बना दी गई। मूर्ति निर्माण में हुए घालमेल की विभागीय जांच हुई तो यह भी पता चला कि इनमें सोना नहीं मिलाया गया है। मूर्ति चोरी व तस्करी विंग ने भक्तों के संदेह और शिकायतों पर मामला दर्ज कर ११ जनों को नामजद किया।
मूर्ति विंग के चीफ आईजी पोन माणिकवेल के निर्देश पर आइआइटी मद्रास की एक विशेषज्ञ टीम ने नवनिर्मित मूर्तियों की जांच की तो साबित हो गया कि इनमें सोना शामिल नहीं है। विशेष दल ने फिर विभाग के प्रमुख मुथैया, अपर आयुक्त कविता, मूर्ति के निर्माण के वक्त तैनात उपायुक्त वीर षणमुगमणि समेत दस जनों को गिरफ्तार किया था। इस मामले आइडल विंग को मंदिर के पुजारी राजप्पा की तलाश थी जो गायब था। उसे शनिवार रात मुम्बई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। वह कनाडा से लौटा था तब एसआइटी ने उसे धर लिया। उसे कुंभकोणम की विशेष कोर्ट में पेश कर तिरुचि केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।
Published on:
24 Jun 2019 05:39 pm
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