
Special ticket counter imposed by Tamil Nadu Transport Corporation
चेन्नई।तमिलनाडु परिवहन निगम द्वारा दीपावली पर लोगों को आसानी से उनके घर पहुंचाने के लिए विशेष बसें शुरू की है। इन बसों की टिकट बुकिंग के लिए कोयम्बेडु बस टर्मिनस में स्पेशल बुकिंग कांउटर लगाए गए हैं। बुधवार से शुरू हुए इन काउंटर पर टिकट बुकिंग कराने के लिए यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
उल्लेखनीय है कि दीपावली के अवसर पर चेन्नई और आसपास के जिलों में प्रवासित तमिलभाषियों और अन्य पड़ोसी राज्यों के बड़ी संख्या में लोग अपने पैतृक गांव जाते हैं। इनको परिवहन सुविधा मुहैया करवाने के उद्देश्य से वर्ष की भांति इस बार भी तमिलनाडु सरकार ने बड़ी संख्या में दीपावली स्पेशल बसें चलाने की व्यवस्था की है। ये बसें ३ से ६ नवम्बर तक चलाई जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार ५ नवम्बर को कुल ११,३६७ बसें कोयम्बेडु से संचालित की जाएगी जबकि ९,२०० बसें महानगर के अन्य स्थानों अर्थात वंडलूर जू, पूंदमल्ली, तांबरम सेनिटोरियम और माधवरम बस टर्मिनस से संचालित होगी। बतादें कि पिछले कई वर्षों से हजारों बसें सीएमबीटी से संचालित होने के कारण महानगर में ट्रेफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती थी और लोग पांच से छह घंटे तक ट्रेफिक जाम से फंसे रहते थे। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए बसों के छूटने का स्थान भी बदल दिया गया है।
मद्रास उच्च न्यायालय ने लगाई दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री पर रोक
मद्रास उच्च न्यायालय ने ऑनलाइन फार्मा ट्रेडर्स को तगड़ा झटका देते हुए दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री 11 नवंबर तक रोकने का अंतरिम आदेश पारित कर दिया। न्यायमूर्ति आर. महादेवन ने तमिलनाडु केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया। इस याचिका में मांग की गई थी कि अदालत अधिकारियों को उन लिंक्स को प्रतिबंधित करने का आदेश दे जिनके तहत आनलाइन दवाइयों की बिक्री होती है।
एसोसिएशन के मुताबिक, ऑनलाइन शॉपिंग उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक हो सकती है, पर लाइसेंस रहित ऑनलाइन स्टोर से दवाइयां खरीदना खतरनाक हो सकता है क्योंकि वे नकली, अवधि पार की, दूषित, कम मानक गुणवत्ता की, अस्वीकृत दवाओं या असुरक्षित उत्पाद बेच सकते हैं जो रोगियों के लिए खतरनाक हैं और उनके स्वास्थ्य को जोखिम में डाल सकती हैं। देश में इसके लिए कोई ठोस कानून नहीं है। यूं तो अधिनियमों में कई तरह के संशोधन किए गए हैं पर सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के बारे में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं दिया गया है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि दवा का व्यापार सामान्य वस्तु व्यापार नहीं है, यह जीने और स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसके लिए दवाएं चिकित्सक की सलाह पर योग्य फॉर्मासिस्ट की निगरानी में ही बेची जानी चाहिए।
वे अनुसूची एच और अनुसूची एक्स के तहत आने वाली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री करने वाले वेबसाइट लिंक को ब्लॉक करने के बारे में भी अदालत का हस्तक्षेप चाहते हैं। अदालत ने केंद्र को इस मामले में जवाब देने को कहा है और सॉलिसिटर जनरल को केंद्र से अनुदेश लेने का निर्देश दिया है।
Published on:
25 Nov 2018 12:02 am
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