चेन्नई.
किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उनके अभिभावकों और उनके शिक्षकों का ही हाथ होता है। छात्र यदि लगनशील है तो उसे घर से लेकर शिक्षण संस्थान तक प्रोत्साहन और मार्गदर्शन मिलता है। यह बातें स्टेला मैरिस कॉलेज में हिन्दी क्लब के सहयोग से वासुदेव कुटुम्बक्कम पर आधारित आयोजित कार्यक्रम अनुभूति 2022-23 में मुख्य अथिति के रूप में उपस्थित स्टेला मैरिस कॉलेज की हिन्दी विभाग की पूर्व फैकल्टी डा. कमला ने कहीं। इस मौके पर मद्रास विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की गेस्ट फैकल्टी विशेष अथिति के रूप में उपस्थित डा. नजीम बेगम ने कहा, इस तरह के कार्यक्रम छात्र-छात्राओं के आपसी समायोजन को बढ़ाते हैं। उन्होंने वासुदेव कुटुम्बक्कम के महत्व पर जोर दिया।
स्टेला मैरिस कॉलेज के भाषा विभाग की प्रमुख डा. श्राबनी भट्टाचार्य ने स्वागत भाषण दिया और छात्राओं को उनकी सफलता और युवा शक्ति को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम में अनुभूति क्लब की क्लब एडवाइजर डा. फातिमा, वाइस प्रिंसिपल जे. रेजी मणिमेघला और शैनी जोन वैरामॉन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कॉलेज छात्रा अपूर्वी ने किया। छात्राओं ने सास्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया।