
तमिल येओमेन बनी तमिलनाडु की तितली
त्रिची. तितली की एक प्रजाति तमिल येओमेन को तमिलनाडु की तितली घोषित किया गया है। नारंगी रंग की यह तितली जिसका बाहरी आवरण गहरा भूरा है उन ३२ तितलियों में से है जो पश्चिमी घाट पर पाई जाती है। इस प्रजाति की तितलियां झुंड में उड़ती हैं पर कुछ ही स्थानों पर। इन्हें तमिल मारावन के नाम से भी जाना जाता है जिसका मतलब तमिल योद्धा होता है और यह खासकर पहाड़ी इलाकों में पाई जाती है।
प्रधान मुख्य वन्य संरक्षक और मुख्य वन्य जीव वार्डन की अनुशंसा पर गौर करते हुए राज्य सरकार ने यह प्रस्ताव पारित किया है। इस तितली को राज्य की तितली घोषित करने का श्रेय राज्य की दस सदस्यीय टीम को जाता है। विशेषज्ञों की टीम का हिस्सा रहे और एक्ट फॉर बटरफ्लाइस के संस्थापक मोहन प्रसाद का कहना है कि इस टीम ने दो तितलियों का चुनाव किया था तमिल येओमेन और तमिल लेसविंग। लेकिन तमिल येओमेन का चुनाव अंत में किया गया। दोनों तितलियां अद्वितीय हैं। तमिल लेसविंग बहुत ही कम देखने को मिलती है इसलिए सरकार ने तमिल येओमेन को राज्य का तितली घोषित किया है।
Published on:
01 Jul 2019 07:19 pm
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