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NCRB रिपोर्ट: आत्महत्या के मामले में तमिलनाडु देश में दूसरे नम्बर पर

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार देश में महाराष्ट्र ऐसा राज्य है, जहां आत्महत्या के सर्वाधिक मामले दर्ज हैं, जो सबसे ज्यादा हैं। तमिलनाडु और मध्य प्रदेश आत्महत्या के मामलों में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

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NCRB रिपोर्ट: आत्महत्या के मामले में तमिलनाडु देश में दूसरे नम्बर पर

NCRB रिपोर्ट: आत्महत्या के मामले में तमिलनाडु देश में दूसरे नम्बर पर

चेन्नई.

वित्तीय नुकसान, दुव्र्यवहार, हिंसा, घरेलू हिंसा, नशे की लत, बच्चों की पढ़ाई का दबाव और प्रेम प्रसंग ने तमिलनाडु को सर्वाधिक आत्महत्या के मामलों वाले राज्यों की टॉप फाइव सूची में शामिल कर दिया है। देश में 2021 में महाराष्ट्र में आत्महत्या की सर्वाधिक घटनाएं हुई। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार देश में महाराष्ट्र ऐसा राज्य है, जहां आत्महत्या के सर्वाधिक मामले दर्ज हैं, जो सबसे ज्यादा हैं। तमिलनाडु और मध्य प्रदेश आत्महत्या के मामलों में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। पूरे भारत में ऐसे 1,64,033 मामले दर्ज किए गए।

एनसीआरबी की रिपोर्ट

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पेशे या करियर से संबंधित समस्याएं, अलगाव की भावना, दुव्र्यवहार, हिंसा, पारिवारिक समस्याएं, मानसिक विकार, शराब की लत और वित्तीय नुकसान देश में आत्महत्या की घटनाओं के मुख्य कारण हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 2020 में आत्महत्या के कुल 1,53,052 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2021 में सात प्रतिशत अधिक कुल 1,64,033 मामले दर्ज किए गए थे। इसमें कहा गया है कि आत्महत्या की दर में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल देश में महाराष्ट्र में आत्महत्या के सर्वाधिक 22,207 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद तमिलनाडु में 18,925, मध्य प्रदेश में 14,965, पश्चिम बंगाल में 13,500 और कर्नाटक में 13,056 मामले दर्ज किए गए जो आत्महत्या के कुल मामलों का क्रमश: 13.5 प्रतिशत, 11.5 प्रतिशत, 9.1 प्रतिशत, 8.2 प्रतिशत और आठ प्रतिशत है।

देश में दर्ज किए गए आत्महत्या के कुल मामलों में से इन पांच राज्यों में 50.4 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए। शेष 49.6 प्रतिशत मामले 23 अन्य राज्यों और आठ केंद्रशासित प्रदेशों में सामने आए। सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में तुलनात्मक रूप से आत्महत्या के कम मामले सामने आए जो देश में दर्ज इस तरह की घटनाओं का केवल 3.6 प्रतिशत हैं। वहीं, केंद्रशासित प्रदेशों में सर्वाधिक आबादी वाली दिल्ली में 2021 में आत्महत्या के सर्वाधिक 2,840 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद पुदुचेरी में 504 मामले दर्ज किए गए।

गत वर्ष देश के 53 बड़े शहरों में आत्महत्या के कुल 25,891 मामले दर्ज किए गए। देश में 2021 में प्रति एक लाख की आबादी पर आत्महत्या के मामलों की राष्ट्रीय दर 12 रही। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आत्महत्या की उच्चतम दर (39.7) दर्ज की गई। इसके बाद सिक्किम (39.2), पुडुचेरी (31.8), तेलंगाना (26.9) और केरल में यह दर 26.9 दर्ज की गई।

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