
क्या खास होता है तमिलनाडु में विजयदशमी के दिन, वीडियो देखें
चेन्नई. तमिलनाडु में मंगलवार को दो संस्कृतियां साकार हुईं। एक ओर शारदीय नवरात्र के समापन पर देवी दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन हुआ तो दूसरी ओर नौनिहालों ने विजयदशमी पर अक्षराभ्यास किया।
तमिलनाडु में बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल और बिहारी मूल के लोग बसे हैं। नवरात्र महोत्सव पर पूजा पण्डाल सजता है तो गुजराती घूमर, गरबा और डांडिया भी खेला जाता है।
बंगाल से आए मूर्तिकार यहीं रहते हुए मूर्तियोंं का निर्माण करते हैं जिनकी बाद में नौ दिनों तक पूजा-आराधना होती है। नैत्यिक आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।
नौ दिन की पूजा के बाद गाजे-बाजे और जयकारों के साथ पट्टिनपाक्कम समुद्र तट पर देवी दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इस मौके पर उत्तर भारतीय संस्कृति के साक्षात दर्शन हुए।
वहीं महानगर के कई मंदिरों व देवालयों में विजयदशमी की पूजा हुई। मंदिरों में भगवान के अभिषेक के साथ नौनिहालों को अक्षराभ्यास कराया गया। इस परिपाटी के तहत बच्चों को उनके अभिभावकों की गोद में बिठाकर चावल पर लिखने का अभ्यास कराया जाता है। यहीं से बच्चे लिखना आरंभ करते हैं।
Updated on:
08 Oct 2019 10:14 pm
Published on:
08 Oct 2019 09:28 pm
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