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विकास की बाट जोह रहा तेनकासी जिला, जनप्रतिनिधियों पर कोताही बरतने के आरोप

विकास की बाट जोह रहा तेनकासी जिला- जनप्रतिनिधियों पर कोताही बरतने के आरोप- फूल, नींबू, अंगूर के लिए उठती रही है कोल्ड स्टोरेज की मांग, परफ्यूम इंडस्ट्री की डिमांड

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tenkasi

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तेनकासी (तमिलनाडु). कोट्रालम वाटर फाल्स के लिए प्रसिद्ध तेनकासी विकास की बाट जोह रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि जनप्रतिनिधियों ने इलाके के विकास पर खास ध्यान नहं दिया। यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं लेकिन विकसित करने की दिशा में रूचि नहीं ली गई। कांग्रेस ने यहां लम्बे समय तक राज किया और नौ बार कांग्रेस से सांसद रहे। बाद में एआईएडीएमके एवं अन्य दलों ने कब्जा कर लिया। लेकिन क्षेत्र का जितना विकास होना चाहिए था वह कहीं दिखाई नहीं दे रहा। स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार की लोग शिकायत करते हैं। लोगों का कहना है कि छोटे-छोटे काम बिना रिश्वत के नहीं होते। बिजली की कटौती से भी लोग परेशान दिखे। इलाके के अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर है। पुलियनगुडी एवं कडयनल्लूर के आसपास के इलाके मे फूल, नींबू एवं अंगूर की उपज होती है लेकिन इनके संग्रहण के लिए कोल्ड स्टोरेज की कमी अखरती है। परफ्यूम इंडस्ट्री के लिए भी कई बार मांग उठती रही है। नाडार व थेमर समुदाय यहां हार-जीत में निर्णायक रहते आए हैं। यानी जातिगत फैक्टर ही यहां हावी रहता है। अनुसूचित जाति एवं मुस्लिम वोटों पर भी बहुत बड़ा वर्ग है।
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देवेन्द्रकुला वेल्लालर समुदाय के वोटर्स भी बड़ी संख्या में
देवेन्द्रकुला वेल्लालर समुदाय के वोटर्स भी यहां अच्छी संख्या में है। इस समुदाय के नेता और पुदिय तमिलगम के संस्थापक के. कृष्णास्वामी लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। सरकारी रिकॉर्ड में वे पालन समुदाय रहे हैं जो पालन समुदाय के नाम से अधिक प्रचलन में है। पालन समुदाय की सात उप जातियां हैं। दक्षिणी जिलों में इस समुदाय के लोग बहुतायत में है। लेकिन पिछले दिनों देवेन्द्रकुल्ला कम्युनिटी प्रोटेक्शन फेडरेशन के बैनर तले कृष्णास्वामी के खिलाफ कैम्पेन का निर्णय लिया गया था। उनका आरोप था कि कृष्णास्वामी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं। 1995 में कुडयनकुलम में जातिगत दंगे भड़क गए थे जिसमें 20 लोग मारे गए। ये दंगे पालर व थेवर समुदाय के बीच हुए। तुतुकुड़ी जिले तक यह दंगे भड़क गए। इसके बाद कृष्णास्वामी ने जयललिता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और दंगों की जांच के लिए स्वतंत्र आयोग गठित करने की मांग की थी। इसके बाद हुए चुनाव में कृष्णास्वामी तुतुकुडी जिले के ओट्टापिदरम विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय जीते।
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पिछले चुनाव में सभी आरक्षित सीटों पर एआईएडीएमके उम्मीदवार जीते
राजापालयम एवं श्रीविल्लीपुत्तुर विधानसभा क्षेत्र विरुदनगर जिले में आते हैं। जबकि तेनकासी, कडयनलूर, वासुदेवानलूर एवं शंकरनकोविल विधानसभा इलाके तेनकासी जिले में हैं। तेनकासी लोकसभा क्षेत्र के अधीन आने वाले छह विधानसभा क्षेत्रों में से तीन विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। तीनों ही आरक्षित सीटों से एआईएडीएमके के विधायक है। पिछले चुनाव में कडयनलूर से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का उम्मीदवार जीता था।
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तेनकासी लोकसभा (एससी) क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्र व मौजूदा विधायक
तेनकासी-एस.सेल्वमोहनदास पांडियन (एआईएडीएमके)
कडयनलूर- मुहम्मद अबुबकर केएएम (आईयूएमएल)
वासुदेवानलूर(एससी)- ए. मनोहरन (एआईएडीएमके)
शेकरनकोविल(एससी)- वी.एम. राजलक्ष्मी (एआईएडीएमके)
राजापालयम -एस. तंगपांडियन (डीएमके)
श्रीविल्लीपुत्तुर (एससी)- एस. चन्द्रप्रभा (एआईएडीएमके)
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