
The importance of books in the modern age of the Internet
चेन्नई।आधुनिक इन्टरनेट के युग में भी पुस्तकों का अपना महत्व है। पुस्तकें ज्ञान की भंडार है। वे हमारी सबसे अच्छी मित्र है। पुस्तकों का महत्व कभी कम नहीं हुआ है। हिंदी दिवस के अवसर पर पेरम्बूर स्थित सीटीटीई महिला महाविद्यालय में छात्राओं को अधिकाधिक पुस्तकें पढऩे एवं पुस्तकों के महत्व के बारे में बताया गया। पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. सुमुखी ने पुस्तकों की अहमियत को बताते हुए कहा कि पुस्तकें मनुष्य की सर्वश्रेष्ठ व सर्वाधिक विश्वसनीय मित्र है।
इनमें वह शक्ति हैं जो मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है तथा कठिन से कठिन समस्याओं के हल के लिए बल प्रदान करती है। जिस व्यक्ति को पुस्तकों से लगाव है वह स्वयं को कभी कमजोर अनुभव नहीं कर सकता है। पुस्तकें मनुष्य के आत्मबल का सर्वश्रेष्ठ साधन है। मनुष्य के ज्ञानार्जन एवं बुद्धि के विकास के लिए पुस्तकों का अध्ययन अत्यंत आवश्यक हैं।
आधुनिक मशीनों के आविष्कार से पुस्तकों के मूल्य में काफी कमी आई है। साथ ही उनकी गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। प्राचीन काल की तुलना में आज पुस्तकें बड़ी सरलता से प्राप्त हो जाती है। लेकिन सभी पुस्तकें खरीद पाना सामान्य जन के लिए संभव नहीं होता। ऐसी परिस्थितियों में पुस्तकालय का योगदान बढ़ जाता है।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. तस्लीम बानू ने कहा कि किसी भी राष्ट्र या समाज के उत्थान एवं विकास में पुस्तकालयों का अपना महत्व है। पुस्तकालयों में एक ही विषय पर अनेक लेखकों एवं प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध होती है। पुस्तकालय ज्ञानार्जन का एक प्रमुख स्त्रोत है। पुस्तकालय हमारे राष्ट्र की अनुपम धरोहर है।
विद्यासागर ओसवाल गार्डन में गणेश उत्सव की शुरुआत
कोरुक्कुपेट स्थित विद्यासागर ओसवाल गार्डन में गुरुवार से गणेश उत्सव की शुरुआत हुई। गणेश मूर्ति स्थापना एवं आरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। महोत्सव के तहत हर रोज सुबह 8 बजे आरती व प्रसाद वितरण होगा। साथ ही रात्रि में भी 8.30 बजे आरती होगी। प्रारम्भ में गणेश प्रतिमा को बैंड बाजों के साथ लाकर स्थापित करवाया गया। दिन भर गणेश के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
Published on:
15 Sept 2018 05:46 am
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