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चेन्नइ में देखते-देखते ढह गई 24 फ्लैट वाली 40 साल पुरानी जर्जर इमारत, कोई हताहत नहीं

- दरार देखते ही घरों से निकलकर भागे लोग- इमारत का एक हिस्सा गिरा

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चेन्नइ में देखते-देखते ढह गई 24 फ्लैट वाली 40 साल पुरानी जर्जर इमारत, कोई हताहत नहीं

चेन्नइ में देखते-देखते ढह गई 24 फ्लैट वाली 40 साल पुरानी जर्जर इमारत, कोई हताहत नहीं

चेन्नई.

चेन्नई के उत्तरी इलाका तिरुवत्तीयूर में सोमवार को तमिलनाडु स्लम क्लियरेंस बोर्ड (टीएनएससीबी) द्वारा निर्मित आवासीय इमारतें ढह गई। पुलिस के अनुसार, इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और इस हादसे के बाद अन्य इमारतों को खाली करा लिया गया है।

पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और यह जानने का प्रयास किया कि मलबे के बीच कोई व्यक्ति रह तो नहीं गया। इस साइट में चार ब्लॉक हैं जिसमें से डी ब्लॉक के लगभग 24 फ्लैट ध्वस्त हो गए। गनीमत यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। 24 फ्लैट के निवासियों ने अपने खंड में दरारें देखी थी जिसके बाद वह इमारत के ढहने से पहले अपने फ्लैटों से बाहर निकल आए थे। इमारत ढहने के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने दबे सामान निकालने का काम शुरू कर दिया। दमकल विभाग की गाडिय़ां एवं कई जेसीबी घटनास्थल पर बचाव कार्य में लगे हैं।

बहरहाल, मलबे में घरेलू उपकरण दब गए हैं। इमारत का जो खंड ढहा है वह उत्तरी चेन्नई के तिरुवत्तीयूर में एक विशाल आवासीय परिसर का हिस्सा है जिसे तमिलनाडु शहरी आवास विकास बोर्ड (टीएनयूएचडीबी) ने 1993 में बनाया था। तमिलनाडु के ग्रामीण उद्योग और तमिलनाडु शहरी आवास विकास बोर्ड के मंत्री टीएम अनबरसन ने बताया कि आवास अपार्टमेंट का निर्माण 40 साल पहले किया गया था।

उन्होंने कहा कि प्रभावित स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अनबरसन के अनुसार ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन में 23,000 ऐसे घर हैं जिनका निर्माण 40-45 साल पहले हुआ था। डीएमके के सत्ता में आने के बाद इन घरों को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष में मुख्यमंत्री ने 7,500 नए मकान बनाने के लिए 2,500 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं और इनका प्रारंभिक काम शुरू हो गया है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने निवासियों के रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करने और 24 प्रभावित परिवारों में से प्रत्येक को एक एक लाख रुपए देने का आदेश दिया है।