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उपकारी के प्रति कृतज्ञ होना मानवीय सद्गुण

गोपालपुरम स्थित भगवान महावीर वाटिका में कपिल मुनि की चातुर्मास सम्पूर्ति के उपलक्ष्य में रविवार को जैन संघ के तत्वावधान में कृतज्ञता ज्ञापन समारोह हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। इस मौके पर कपिल मुनि ने कहा हर प्राणी की जीवनयात्रा एक दूसरे के सहयोग पर आधारित है।

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To be grateful to the benefactor of human virtue

To be grateful to the benefactor of human virtue

चेन्नई।गोपालपुरम स्थित भगवान महावीर वाटिका में कपिल मुनि की चातुर्मास सम्पूर्ति के उपलक्ष्य में रविवार को जैन संघ के तत्वावधान में कृतज्ञता ज्ञापन समारोह हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। इस मौके पर कपिल मुनि ने कहा हर प्राणी की जीवनयात्रा एक दूसरे के सहयोग पर आधारित है।

हमारे जीवन में जिनका भी सहयोग है उनके प्रति कृतज्ञ बनना मानवीय सद्गुण है। उपकारी को विस्मृत करना एक ऐसा अपराध है जिसकी शुद्धि का कोई प्रावधान भी नहीं है। अत: इंसान को अपने उपकारी व सहयोगी को भूलने रूप कृतघ्नता के पाप से सदैव बचते रहना चाहिए। पशु पक्षी और प्रकृति भी अपने उपकारी के प्रति अकृतज्ञ नहीं बनते। हमारे जीवन में भी देव, गुरु और धर्म का असीमित उपकार है। उन्होंने गोपालपुरम संघ के सभी पदाधिकारियों और सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

संघ मंत्री राजकुमार कोठारी ने सभी का स्वागत करते हुए मुनि के प्रति गोपालपुरम व संपूर्ण चेन्नई वासियों की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा गुरुदेव ने गोपालपुरम संघ पर महती कृपा करके यहाँ निरंतर चार माह तक जिनवाणी की अमृत गंगा प्रवाहित की जिससे सैंकड़ों युवाओं के मन में नैतिकता और धार्मिकता का संचार हुआ है।


जैनत्व के प्रति श्रद्धा प्रगाढ़ हुई है। उन्होंने चातुर्मास की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए सभी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट किया। संघ के संरक्षक सुभाषचंद रांका ने कहा आपका वरदहस्त हम पर सदैव बना रहे। उन्होंने चातुर्मास की सफलता के लिए सभी श्रोताओं के प्रति आभार प्रकट किया। संघ अध्यक्ष अमरचंद छाजेड ने कहा संघ के प्रबल भाग्योदय की बदौलत सरल और स्पष्ट व्यक्तित्व के धनी ओजस्वी संत का चातुर्मास मिला। उन्होंने किसी भी प्रकार की त्रुटि, अवज्ञा और आशातना के लिए गोपालपुरम संघ की ओर से मुनि के समक्ष क्षमा याचना की।

धर्मसभा में महावीरचंद श्रीश्रीमाल, सुनील भडक़तिया, नवरतनमल आच्छा, कमलेश सिंघवी, छाया बैद, प्रीति चोपड़ा, आशा छाजेड, उषा संकलेचा, निकिता कोठारी ने भी विचार प्रकट किए। इस मौके पर महावीरचंद बोहरा, प्रकाशचंद बोहरा, पन्नालाल बैद, देवीचंद संकलेचा, शांतिलाल चोरडिया, धर्मीचंद कांकलिया, वईसराज रांका, प्रकाशचंद ललवाणी, महेन्द्र कुमार बैद, अभय कुमार मेहता, राजेन्द्र कुमार बोहरा, मीठालाल पगारिया, नीलमचंद छाजेड, विमलचंद खाबिया सोहनलाल भंसाली, समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

संचालन संघ के मंत्री राजकुमार कोठारी ने किया। अशोक कुमार छाजेड व विजय कुमार कोठारी ने अतिथियों का सत्कार किया।