
Vishing Attacks Are on The Rise in chennai
- पुरुषोत्तम रेड्डी @ चेन्नई
कोरोना महामारी काल में बढ़ा डिजीटल प्लेटफार्म पर ट्रैफिक डिजीटल इंडिया अभियान को गति दे रहा है। पेमेंट सिस्टम कंपनी एसीआई वल्र्ड वाइड की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 में पूरी दुनिया में 7 करोड़ 3 लाख डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए, जो 2019 के मुकाबले 41 फीसदी ज्यादा हैं। इसमें सबसे ज्यादा 2 करोड़ 55 लाख डिजीटल ट्रांजेक्शन भारत में हुए। इनमें 15 फीसदी ट्रांजेक्शन डिजीटल पेमेंट से जुड़े हैं। 2025 तक भारत में डिजीटल ट्रांजेक्शन 71 फीसदी से ज्यादा होगा।
हालांकि जैसे-जैस देश में डिजीटल पेमेंट बढ़ा, कई चुनौतियां भी सामने आई। डिजीटल पेमेंट के साथ ही वित्तीय धोखाधड़ी भी बढ़ी है। जून 2020 और अप्रैल 2021 के बीच एफआईएस के एक सर्वे में देखा गया है कि 34 प्रतिशत लोगों ने पिछले 12 महीनों में वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना दी है जो बढकऱ 41 प्रतिशत हो गई। वित्तीय धोखाधड़ी ज्यादातर फिशिंग, क्यूआर कोड/यूपीआई और कार्ड घोटाले से भी संबंधित थी।
ऑनलाइन पेमेंट ऐप में ज्यादा बैलेंस न रखें
डिजीटल सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन और साइबर एडवोकेट वी. राजेंद्रन ने कहा कि ग्राहकों को ऑनलाइन पेमेंट ऐप में ज्यादा बैलेंस और क्रेडिट कार्ड व नेट बैंकिंग ट्रांजेक्शन के लिए ज्यादा लिमिट नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राहकों को अपने मोबाइल में अनावश्यक ऐप रखने से बचना चाहिए।
आईटी सेवा और परामर्श प्रदाता कंपनी क्लोवर इन्फोटेक के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी नीलेश कृपलानी ने बताया न्यूनतम सीमा से कम लेनदेन के लिए पिन का उपयोग नहीं करने से भी क्रेडिट कार्ड पर साइबर अपराध होते हैं।
अनजान लिंक या फर्जी ऐप्स से बचें
अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें जो ट्रांजेक्शन रिक्वेस्ट या ऐसा कुछ बयान करते हैं। फोन में ऐप इंस्टॉल करने से पहले ऐप का नाम, डवलपर, रजिस्टर्ड वेबसाइट और ईमेल एड्रेस को वैरिफाई करना चाहिए। अब विशिंग या फोन कॉल के जरिए की जाने वाली धोखाधड़ी के रूप में एक नया स्कैम सामने आया है। यह फ्रॉड एक फोन कॉल के जरिए की जाती है।
इसमें जालसाज बैंक का रिप्रेजेंटेटिव बनकर कॉल करता है। इस स्कैम से जुड़ी कॉल आमतौर पर लैंडलाइन नंबर से आती है ताकि आपको किसी तरह का शक न हो। फोन कॉल पर जालसाज डराने का काम करते हैं। ये लोगों से कहते हैं कि उनका कार्ड ब्लॉक हो सकता है या अकाउंट बंद हो सकता है। विशिंग कॉल का मकसद आपके बैंक खाते को हाई जैक कर उससे पैसा ट्रांसफर करना होता है। ऐसी धोखाधड़ी से बचने को कभी भी किसी को फोन में आई ओटीपी न बताएं और न ही अपने बैंक अकाउंट के डिटेल्स साझा करें।
इन डिजीटल पेमेंट सेवाओं में हुई वृद्धि
मोबाइल रिचार्ज में
डीटीएच रिचार्ज में
ब्रॉडबैैंड-डेटा कार्ड भुगतान में
अनुदान देने में
किराने सामान खरीदने में
मेडिकल सेवाओं में
मनोरंजन सेवाओं में
आरटीजीएस और नेफ्ट में
इन सेवाओं में हुई कमी
लॉजिस्टिक गतिविधियों में
यात्रा क्षेत्र में
Published on:
22 Jun 2021 02:08 pm
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